मुख्यमंत्री अपना वादा निभाएंगे: नेतृत्व मुद्दे पर डी. के. सुरेश ने कहा

मुख्यमंत्री अपना वादा निभाएंगे: नेतृत्व मुद्दे पर डी. के. सुरेश ने कहा

मुख्यमंत्री अपना वादा निभाएंगे: नेतृत्व मुद्दे पर डी. के. सुरेश ने कहा
Modified Date: February 11, 2026 / 07:25 pm IST
Published Date: February 11, 2026 7:25 pm IST

बेंगलुरु, 11 फरवरी (भाषा) कांग्रेस नेता डी. के. सुरेश ने बुधवार को उम्मीद जताई कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के साथ हुए सत्ता-साझा करने से जुड़े कथित समझौते का पालन करेंगे।

राज्य में सत्ता-साझा करने से जुड़े कथित समझौते का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए अपने पहले के बयान से संबंधित एक सवाल के जवाब में सुरेश ने पत्रकारों से कहा, ‘‘आज भी मुझे उम्मीद है कि भले ही देरी हो रही हो, लेकिन वह (मुख्यमंत्री) अपना वादा निभाएंगे।’’

शिवकुमार की नयी दिल्ली यात्रा का जिक्र करते हुए पार्टी सांसद ने कहा, ‘‘जब भी हम दिल्ली में होते हैं, मौका मिलते ही पार्टी के आलाकमान से मिलते हैं और पार्टी, निर्वाचन क्षेत्र या अन्य मामलों पर चर्चा करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि कुछ लोग निजी लाभ के लिए आलाकमान से मिलते हैं, लेकिन ‘‘शिवकुमार ऐसे व्यक्ति नहीं हैं।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या नेतृत्व के मुद्दे पर शिवकुमार का धैर्य एक राजनीतिक कमजोरी बन गया है, तो सुरेश ने कहा, ‘‘समय हर चीज का जवाब दे देगा।’’

पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के बेटे और विधान परिषद सदस्य यतींद्र द्वारा यह कहे जाने के बाद कि उनके पिता अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, आंतरिक तनाव फिर से बढ़ गया।

कर्नाटक में 20 नवंबर, 2025 को कांग्रेस सरकार के पांच वर्षीय कार्यकाल का आधा समय पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच सत्ताधारी पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान तेज हो गई है।

वर्ष 2023 में सरकार गठन के समय सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच हुए कथित ‘सत्ता-साझाकरण’ समझौते ने इन अटकलों को और बल दिया है।

यतींद्र के बयान पर निशाना साधते हुए सुरेश ने कहा, ‘‘मैं उनके जितना प्रभावशाली या ज्ञानी नहीं हूं। वह जो भी कहते हैं, वह अंतिम होता है।’’

सुरेश ने कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन का समर्थन किया जिन्होंने सवाल उठाया था कि नेतृत्व के मुद्दे पर बयान देने के लिए उन्हें पार्टी की ओर से नोटिस भेजा गया था, जबकि यतींद्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि पार्टी की नीति सबके लिए एक जैसी होनी चाहिए। हुसैन को इससे पहले शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने को लेकर सार्वजनिक बयान देने पर पार्टी की ओर से नोटिस भेजा गया था।

भाषा संतोष नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में