नौसेना प्रमुख समुद्री साझेदारी को मजबूत करने के लिए मॉरीशस की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर

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नौसेना प्रमुख समुद्री साझेदारी को मजबूत करने के लिए मॉरीशस की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर

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  • Publish Date - August 10, 2026 / 03:08 PM IST,
    Updated On - August 10, 2026 / 03:08 PM IST

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए सोमवार को मॉरीशस की चार दिवसीय यात्रा शुरू की।

भारतीय नौसेना के अनुसार, एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन मॉरीशस सरकार के शीर्ष नेतृत्व के साथ ‘‘पारस्परिक हित’’ से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इनमें समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, दक्षता विकास और सैन्य सहयोग जैसे विषय शामिल हैं।

नौसेना ने कहा, ‘‘यह यात्रा भारत की ओर से द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने और हिंद महासागर क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण साझेदार मॉरीशस के साथ रक्षा संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए जारी प्रयासों का हिस्सा है।’’

भारत और मॉरीशस के बीच लंबे समय से समुद्री साझेदारी है और भारतीय नौसेना प्रशिक्षण आदान-प्रदान, विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की संयुक्त निगरानी, बंदरगाह यात्राओं और जल सर्वेक्षण के जरिए इस द्वीपीय देश के राष्ट्रीय तटरक्षक बल के साथ नियमित रूप से सहयोग करती है।

मॉरीशस भारतीय नौसेना की प्रमुख पहल में नियमित रूप से भाग लेता रहा है, जिनमें बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास ‘मिलन’, इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव शामिल हैं। ये पहल भारत के ‘महासागर’ दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल मार्च में मॉरीशस की अपनी यात्रा के दौरान ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ भारत के जुड़ाव के लिए ‘महासागर’ दृष्टिकोण की घोषणा की थी। ‘महासागर’ दृष्टिकोण का मतलब क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति से है।

‘ग्लोबल साउथ’ का आशय दुनिया के कम संपन्न देशों से है।

नौसेना ने एक बयान में कहा, ‘‘नौसेना प्रमुख बनने के बाद एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन की मॉरीशस यात्रा इस बात पर जोर देती है कि भारत मॉरीशस के साथ अपनी दोस्ती को कितना महत्व देता है। यह संबंध आपसी सम्मान, विश्वास और समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग तथा हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।’’

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप