कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक छह जून को भारत लौटेंगे, प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन की योजना

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक छह जून को भारत लौटेंगे, प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन की योजना

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक छह जून को भारत लौटेंगे, प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन की योजना
Modified Date: June 1, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: June 1, 2026 7:51 pm IST

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को कहा कि वह परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की शुरुआत के लिए छह जून को भारत लौटेंगे।

वर्तमान में अमेरिका में रह रहे दीपके ने ‘इंस्टाग्राम’ पर जारी एक वीडियो में समर्थकों और छात्रों से दिल्ली में उनके विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि हम सभी भारत के संविधान के मार्ग पर चलते हुए एकजुट हों और शांतिपूर्वक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करें। अगर हम सब मिलकर आवाज उठाएंगे तो उन्हें हमारी बात जरूर सुननी पड़ेगी।’’

दीपके इस समय अमेरिका के बोस्टन शहर में हैं, जहां उन्होंने हाल ही में जनसंपर्क में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने समर्थकों से छह जून को हवाई अड्डे पर उनसे मिलने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं शनिवार, छह जून की सुबह दिल्ली पहुंचूंगा। कृपया हवाई अड्डे पर मुझसे मिलें और हम सब मिलकर संसद मार्ग थाने जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे।’’

सीजेपी के संस्थापक ने बाद में ‘पीटीआई-भाषा’से बातचीत में हालांकि आशंका जताई कि भारत लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। दीपके ने कहा, लेकिन उनका मानना ​​है कि उनका नियोजित विरोध प्रदर्शन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा की संवैधानिक गारंटी के तहत संरक्षित है।

दीपके ने हालांकि कहा कि वह परिवार को मिल रही धमकियों को लेकर ज्यादा चिंतित हैं।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे व्यक्तिगत रूप से मिली धमकियों की ज्यादा चिंता नहीं है। लेकिन मेरे परिवार को मिली धमकियों को लेकर मैं थोड़ा चिंतित हूं। क्योंकि मेरे परिवार ने ऐसा करने का फैसला नहीं किया था; यह मेरा निर्णय था। उन्हें इसमें घसीटा नहीं जाना चाहिए।’’

दीपके ने कहा, ‘‘मैं भारत में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने और संविधान का पालन करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करने आ रहा हूं। अब यह अधिकारियों पर निर्भर है कि वे भी इसका (संविधान का) पालन करें।’’

दीपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से एक युवा केंद्रित सोशल मीडिया आंदोलन की शुरुआत की है जिसने अपने अस्तित्व में आने के साथ ही लोकप्रियता हासिल की और कई हस्तियों ने इसका समर्थन किया है।

वीडियो संदेश में दीपके ने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी विवादों और व्यवधानों ने छात्रों को चिंतित कर दिया है। उन्होंने सरकार से जवाबदेही की मांग भी की।

उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाली एक ऑनलाइन याचिका पर आठ लाख हस्ताक्षर प्राप्त हुए हैं। दीपके ने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

दीपके ने आरोप लगाया कि परीक्षा संबंधी विवादों ने नीट ( चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), सीईयूईटी (केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए) और एसएससी-जीडी (केंद्रीय सेवाओं के लिए) में बैठने वाले छात्रों सहित एक करोड़ से अधिक छात्रों को प्रभावित किया है, जिससे वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

दीपके ने कहा, ‘‘अगर इतनी बड़ी गलती के बाद भी शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इसका अभिप्राय है कि हमारे देश में जवाबदेही जैसी कोई चीज बची ही नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि हम सभी संविधान के मार्ग का अनुसरण करते हुए एक साथ आएं और शांतिपूर्वक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को बुलंद करें।’’

दीपके ने कहा कि उनके परिवार और दोस्तों को डर है कि भारत पहुंचने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन की अनुमति देंगे।

उन्होंने स्वयं को ‘‘(महात्मा) गांधी, (बी आर) आंबेडकर, भगत सिंह और (जवाहरलाल) नेहरू का बड़ा प्रशंसक’’ बताते हुए कहा कि वह किसी भी चीज से ज्यादा संविधान में विश्वास करते हैं।

दीपके ने वीडियो संदेश में सवाल किया, ‘‘ और जहां तक ​​जेल के डर की बात है, हम कब तक डर में जिएंगे? तो सभी शांतिप्रिय और संविधान का पालन करने वाले कॉकरोच, आइए हम सब मिलकर लाखों छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए एकजुट हों।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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