कोयंबटूर में बच्ची के दुष्कर्म-हत्या का मामला : शव परिवार को सौंपा गया

कोयंबटूर में बच्ची के दुष्कर्म-हत्या का मामला : शव परिवार को सौंपा गया

कोयंबटूर में बच्ची के दुष्कर्म-हत्या का मामला : शव परिवार को सौंपा गया
Modified Date: May 25, 2026 / 08:06 pm IST
Published Date: May 25, 2026 8:06 pm IST

कोयंबटूर, 25 मई (भाषा) तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में 10 साल की उस बच्ची का शव उसके पिता को सौंप दिया गया है, जिसकी हाल में सुलूर के पास कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के बाद हत्या कर दी गई थी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी का अंतिम संस्कार उसकी सहमति के बिना किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक (पश्चिम क्षेत्र) राम्या भारती ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पीड़िता के माता-पिता संभवत: एक ही जगह पर रह रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि घटना की वजह से उनके बीच कोई घरेलू विवाद हुआ होगा।’’

बच्ची की मां ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि पहले उसने न्याय सुनिश्चित होने तक अस्पताल से शव सौंपे जाने से संबंधित कागजात पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।

हालांकि, उसने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद उसके पति के हस्ताक्षर लेने के बाद बच्ची का शव परिवार को सौंप दिया गया।

बच्ची की मां ने आरोप लगाया कि परिवार ने उसे अपनी बेटी को आखिरी बार देखने का मौका नहीं दिया और ईएसआई अस्पताल के पिछले दरवाजे से एम्बुलेंस से बच्ची का शव ले जाकर सेलम में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

यह मामला 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, कथित यौन उत्पीड़न और हत्या से संबंधित है। बच्ची का शव 22 मई को सुलूर के कन्नामपलयम झील के किनारे मिला था, जिस पर चोटों के स्पष्ट निशान थे। 23 मई को जिला पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया। मुख्य संदिग्धों में से एक की पहचान 33 वर्षीय के कार्थी के रूप में हुई, जो परिवार का पड़ोसी था। दूसरे संदिग्ध की पहचान आर मोहन के रूप में हुई।

इस बीच, मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव, गृह सचिव और महाधिवक्ता के साथ इस मामले से संबंधित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, विजय ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों को यौन अपराधों से जुड़े सभी मामलों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए और राज्य अभियोजकों को त्वरित सुनवाई के जरिये शीघ्र एवं कठोर सजा सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

भाषा आशीष नरेश पारुल

पारुल


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