झारखंड को अपराध मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध, 2025 में 32 माओवादियों को मार गिराया: पुलिस महानिदेशक

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झारखंड को अपराध मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध, 2025 में 32 माओवादियों को मार गिराया: पुलिस महानिदेशक

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  • Publish Date - January 26, 2026 / 04:13 PM IST,
    Updated On - January 26, 2026 / 04:13 PM IST

रांची, 26 जनवरी (भाषा) झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने 2025 में माओवादी हिंसा पर करारा प्रहार करते हुए 32 माओवादियों को मार गिराया और 326 को गिरफ्तार किया जबकि 38 अन्य नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया।

उन्होंने बताया कि पुलिस राज्य को अपराध मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मिश्रा ने पुलिस मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “झारखंड पुलिस ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए 2025 में राज्य में कुल 326 नक्सलियों को गिरफ्तार किया। 38 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया जबकि 32 पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए।”

मिश्रा ने बताया, “राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने हिज्ब-उत-तहरीर (हुत) के पांच सक्रिय सदस्यों सहित 30 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार भी किया।”

उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लड़ाई भी उतनी ही तीव्र रही है।

पुलिस महानिदेशक ने बताया, “पिछले वर्ष के दौरान, मादक पदार्थों से संबंधित 706 मामले दर्ज किए गए, 883 अपराधियों को जेल भेजा गया और 58.77 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए।”

मिश्रा ने बताया कि ये जब्ती न केवल कानून प्रवर्तन की जीत है बल्कि युवाओं को विनाशकारी भविष्य से बचाने के प्रयास भी हैं।

उन्होंने बताया कि तेजी से डिजिटल हो रही दुनिया में साइबर अपराध पुलिसिंग के एक नए मोर्चे के रूप में उभरा है।

अधिकारी ने बताया, “झारखंड पुलिस ने 2025 में साइबर अपराध के 1,413 मामले दर्ज किए और 1,268 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 90 लाख रुपये से अधिक की नकदी जब्त की गई, 38.67 करोड़ रुपये के लेन-देन पर रोक लगा दी गयी और पीड़ितों को 1.48 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस की गई।”

उन्होंने बताया, “प्रतिबिंब ऐप के माध्यम से 140 अतिरिक्त मामलों में 642 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई, साथ ही 1,008 मोबाइल फोन और 1,332 सिम कार्ड जब्त किए गए, जिससे साइबर अपराध नेटवर्क को करारा झटका लगा।”

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश