केंद्र और राज्य सरकारें दुश्मन नहीं, दोनों को विकसित भारत के लिए मिलकर काम करना चाहिए: राज्यपाल

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केंद्र और राज्य सरकारें दुश्मन नहीं, दोनों को विकसित भारत के लिए मिलकर काम करना चाहिए: राज्यपाल

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  • Publish Date - January 26, 2026 / 04:52 PM IST,
    Updated On - January 26, 2026 / 04:52 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 26 जनवरी (भाषा) केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने सोमवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें शत्रु नहीं हैं और उन्हें देश के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

उन्होंने यहां सेंट्रल स्टेडियम में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

राज्यपाल ने बाद में परेड का निरीक्षण करते हुए विभिन्न पुलिस और सशस्त्र बलों की टुकड़ियों की सलामी ली।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और अन्य राज्य मंत्री भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

अर्लेकर ने परेड के बाद भाषण में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें शत्रु नहीं हैं और उन्हें एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में इसका यह अर्थ नहीं है कि केंद्र और राज्य एक-दूसरे के विरोधी के रूप में कार्य करें।

अर्लेकर ने कहा, “हम शत्रु नहीं हैं… न केंद्र और न ही राज्य। इस देश की प्रगति के लिए सभी को मिलकर, कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। तभी हम विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने कहा, “विकसित भारत का लक्ष्य केवल विकसित केरल के माध्यम से ही साकार हो सकता है।”

गणतंत्र दिवस पर अपने संदेश में राज्यपाल ने नागरिकों से “विकसित भारत” के लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और प्रेरणा के प्रतीक के रूप में ‘वंदे मातरम’ का महत्व भी रेखांकित किया।

अर्लेकर ने कहा कि भारत का प्रदर्शन उसकी सांस्कृतिक और परंपरागत नींव में निहित है। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र और “लोकतंत्र की जननी” बताया।

राज्यपाल ने कहा कि भारत बिना किसी बाधा के आगे बढ़ रहा है और कई क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने याद दिलाया कि यह लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था जनता की मेहनत से हासिल हुई है।

उन्होंने कहा कि भारत ने कभी धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनने का सपना नहीं छोड़ा और सभी धर्मों, आस्थाओं और मार्गों का सम्मान किया है।

आर्थिक विकास पर अर्लेकर ने कहा कि भारत ने यह मिथक तोड़ा है कि लोकतंत्र तेजी से आर्थिक रूप से विकसित नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और निकट भविष्य में यह विकसित राष्ट्र बन जाएगा। उन्होंने इस उपलब्धि को नागरिकों के सतत योगदान और सामाजिक-आर्थिक प्रगति का परिणाम बताया।

केरल के बारे में राज्यपाल ने कहा कि राज्य अपनी संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार के क्षेत्रों में हमेशा अग्रणी रहा है।

उन्होंने कहा कि केरल ने डिजिटलीकरण में भी मिसाल कायम की है।

अर्लेकर ने राज्य की 100 प्रतिशत साक्षरता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र में नेतृत्व बनाए रखे और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करे।

राष्ट्रीय एकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह भारतीय संस्कृति का हिस्सा रही है और केरल इस भावना का उदाहरण प्रस्तुत करता है। अपनी रचना के 150 वर्ष पूरे कर चुके राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह देशभक्ति और सेवा की प्रेरणा देता रहा है।

राज्यपाल ने नागरिकों से 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने पद्म पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में सक्रिय मतदान की अपील भी की।

वहीं, कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान ने वाइस एडमिरल समीर सक्सेना की अगुवाई में परेड का आयोजन किया। राज्य के सभी 14 जिला मुख्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और परेड सहित गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किए गए।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश