शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ, भारत एफटीए वार्ता को अंतिम रूप देने, कुछ अन्य समझौतों की करेंगे घोषणा

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शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ, भारत एफटीए वार्ता को अंतिम रूप देने, कुछ अन्य समझौतों की करेंगे घोषणा

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  • Publish Date - January 26, 2026 / 05:15 PM IST,
    Updated On - January 26, 2026 / 05:15 PM IST

नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में मंगलवार को मुख्य घोषणा में मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी होने, रणनीतिक रक्षा समझौते को अंतिम रूप देने तथा भारतीय और यूरोपीय नागरिकों की आवाजाही से जुड़ा ढांचा तय किए जाने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे। संभावना है कि इस शिखर सम्मेलन में दोनों पक्ष व्यापार और सुरक्षा पर अमेरिका की नीतियों से उत्पन्न भू-राजनीतिक उथल-पुथल से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण विकसित करेंगे।

कोस्टा और वॉन डेर लेयेन ने कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कहा, ‘‘एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। और हम सभी को इससे लाभ होता है।’’

पिछले हफ्ते यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ एक ‘ऐतिहासिक व्यापार समझौते’ के करीब हैं, जिससे दो अरब लोगों का एक बाजार बनेगा, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा।

यूरोपीय संघ और भारत ने मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत पहली बार 2007 में शुरू की थी, लेकिन महत्वाकांक्षाओं में अंतर के कारण 2013 में बातचीत स्थगित कर दी गई थी। बातचीत जून 2022 में फिर से शुरू हुई। संभावना है कि यह मुक्त व्यापार समझौता कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने में गुणात्मक बदलाव लाएगा।

शिखर सम्मेलन का मुख्य फोकस व्यापार, रक्षा एवं सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर होगा। मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के अलावा, दोनों पक्ष शिखर सम्मेलन में एक रक्षा ढांचागत समझौता और एक रणनीतिक एजेंडा भी प्रस्तुत करेंगे।

भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी (एसडीपी) दोनों पक्षों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने में सहायक होगी।

एसडीपी से रक्षा क्षेत्र में आपसी तालमेल बढ़ेगा और भारतीय कंपनियों के लिए यूरोपीय संघ के ‘सेफ’ (सिक्योरिटी एक्शन फॉर यूरोप) कार्यक्रम में भागीदारी के रास्ते खुलेंगे। शिखर सम्मेलन में भारत और यूरोपीय संघ सूचना सुरक्षा समझौते (एसओआईए) पर बातचीत भी शुरू करने वाले हैं।

भारतीय कामगारों की यूरोप आवाजाही को आसान बनाने से जुड़ा समझौता ज्ञापन भी शिखर सम्मेलन का एक अहम नतीजा रहने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, यह समझौता यूरोपीय संघ के सदस्य देशों और भारत के बीच आवाजाही से जुड़ी पहल को आगे बढ़ाने का ढांचा प्रदान करेगा।

फ्रांस, जर्मनी और इटली उन यूरोपीय देशों में शामिल हैं जिनके भारत के साथ प्रवासन और आवाजाही साझेदारी समझौते हैं। दोनों पक्षों के बीच कई अन्य क्षेत्रों में गहन सहयोग के लिए भी कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

भाषा आशीष नरेश

नरेश