Compulsory Retirement for Teachers: खराब प्रदर्शन वाले शिक्षकों की होगी छुट्टी, भाजपा सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए 31 जनवरी तक मांगी कुंडली, होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई

Compulsory Retirement for Teachers: खराब प्रदर्शन वाले शिक्षकों की होगी छुट्टी, भाजपा सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए 31 जनवरी तक मांगी कुंडली, होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 02:12 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 04:31 PM IST

Compulsory Retirement for Teachers: खराब प्रदर्शन वाले शिक्षकों की होगी छुट्टी, भाजपा सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए 31 जनवरी तक मांगी कुंडली / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की लिस्ट
  • शिक्षक काम में अक्षम या लापरवाह
  • उच्च शिक्षा विभाग ने प्राचार्यों को पत्र भेजा

भुवनेश्वर: Compulsory Retirement for Teachers ओडिशा सरकार ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के अधिकारियों से समय पूर्व अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए खराब प्रदर्शन वाले शिक्षकों की पहचान करने और 31 जनवरी तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। यह जानकारी शुक्रवार को एक अधिकारी ने दी।

खराब प्रदर्शन वाले शिक्षकों की होगी छुट्टी

Compulsory Retirement for Teachers अधिकारी ने बताया कि 13 जनवरी को विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार, डिग्री कॉलेजों और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को जारी पत्र में उच्च शिक्षा विभाग ने खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की पहचान करने का निर्देश दिया है। इसमें कहा गया है कि अधिकारियों को शिक्षकों की कार्यकुशलता की समीक्षा करने और अक्षम तथा काम न करने वाले कर्मचारियों का पता लगाने की आवश्यकता है। पत्र में कहा गया है, ‘‘यह शैक्षणिक मानकों और प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है।’’

31 जनवरी तक बनेगी पूरी कुंडली

पत्र में कहा गया कि ऐसे मामलों की पहचान की जाए जिनमें प्रासंगिक सेवा नियमों और लागू सरकारी दिशानिर्देशों के प्रावधानों के अनुसार समय पूर्व अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर विचार किया जा सके। इसमें कहा गया, ‘‘अनुपालन रिपोर्ट को 31 जनवरी तक विभाग को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए, ताकि सरकारी स्तर पर इसकी आगे पड़ताल की जा सके। इस मामले को अत्यंत अत्यावश्यक और महत्वपूर्ण माना जाए।’’

शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार गंभीर

बता दें कि प्रदेश सरकार स्कूलों की ही नहीं बल्कि उच्च शिक्षा को लेकर भी बेहद गंभीर है। इसी के चलते सरकार ने शिक्षकों के कार्यों का मूल्यांकन करने का फैसला लिया है। हालांकि सरकार ने पहले ही कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों को जानकारी दे दी थी कि खराब प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ जल्द की कार्रवाई होगी। बावजूद इसके कुछ शिक्षकों ने लापरवाही अनवरत जारी रखी। वहीं, अब सरकार ने अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों की कुंडली तैयार करने का निर्देश दिया है। साथ ही ये भी माना जा रहा है कि फरवरी महीने के अंत तक लापरवाह शिक्षकों पर गाज गिर सकती है।

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क्या शिक्षकों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा?

आमतौर पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के नियमों में समीक्षा के बाद ही निर्णय लिया जाता है। हालांकि, सेवा नियमों के अनुसार सरकार को अक्षम कर्मचारियों को हटाने का अधिकार होता है, लेकिन कर्मचारी इसे कानूनी रूप से चुनौती दे सकते हैं।

अनिवार्य सेवानिवृत्ति का लाभ क्या होता है?

यह 'बर्खास्तगी' (Dismissal) नहीं है। अनिवार्य सेवानिवृत्ति में कर्मचारी को उसकी अब तक की सेवा के आधार पर पेंशन और अन्य ग्रेच्युटी लाभ मिलते हैं, लेकिन वह आगे नौकरी नहीं कर सकता।

क्या यह नियम केवल ओडिशा में है?

ओडिशा सरकार ने इसे 'अत्यंत आवश्यक' श्रेणी में लागू किया है, लेकिन केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश जैसे कई अन्य राज्य भी समय-समय पर 50 साल से अधिक उम्र वाले कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देते रहे हैं।

31 जनवरी के बाद क्या होगा?

रिपोर्ट विभाग को सौंपने के बाद, सरकार स्तर पर जांच की जाएगी और उन शिक्षकों को नोटिस जारी किए जाएंगे जिन्हें सेवा से मुक्त किया जाना है।