Former President Yoon : पूर्व राष्ट्रपति यून को पांच साल कैद की सजा, भारी पड़ा ‘मार्शल लॉ’ लगाए जाने का फैसला

former President Yoon five years prison: दिसंबर 2024 में थोड़े समय के लिए ‘मार्शल लॉ’ लागू किए जाने के बाद व्यापक विरोध भड़क उठा, जिसमें लोगों ने उनके इस्तीफे की मांग की। इसके बाद यून सुक योल पर महाभियोग लगाया गया, उन्हें गिरफ्तार किया गया और राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया।

Former President Yoon : पूर्व राष्ट्रपति यून को पांच साल कैद की सजा, भारी पड़ा ‘मार्शल लॉ’ लगाए जाने का फैसला

Former President Yoon, image source: DD News

Modified Date: January 16, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: January 16, 2026 3:20 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ‘मार्शल लॉ’ लागू किए जाने के बाद व्यापक विरोध भड़का
  • यून के कृत्यों से कानून व्यवस्था को पहुंचा नुकसान
  • मार्शल लॉ लागू किया जाना देश में विद्रोह करने के बराबर

सियोल: दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को पांच साल कैद की सजा सुनाई। (former President Yoon five years prison) यह फैसला उनके द्वारा ‘मार्शल लॉ’ लगाए जाने और अन्य आरोपों को लेकर उनके खिलाफ आठ आपराधिक मुकदमों में पहला निर्णय है। संबंधित आरोपों के कारण उन्हें पद से हटना पड़ा था। दिसंबर 2024 में थोड़े समय के लिए ‘मार्शल लॉ’ लागू किए जाने के बाद व्यापक विरोध भड़क उठा, जिसमें लोगों ने उनके इस्तीफे की मांग की। इसके बाद यून सुक योल पर महाभियोग लगाया गया, उन्हें गिरफ्तार किया गया और राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया।

मार्शल लॉ लागू किया जाना देश में विद्रोह करने के बराबर

उन पर लगे सबसे गंभीर आरोपों में यह शामिल है कि उनके द्वारा मार्शल लॉ लागू किया जाना देश में विद्रोह करने के बराबर है। (former President Yoon five years prison) स्वतंत्र अधिवक्ता ने विद्रोह के आरोपों में अगले महीने सुनाए जाने वाले आदेश में यून के लिए मृत्युदंड की मांग की है। शुक्रवार को आए फैसले में ‘सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट’ ने यून सुक योल को उन्हें हिरासत में लेने के प्रयासों की अवहेलना करने, मार्शल लॉ की घोषणा गढ़ने और कानूनी रूप से अनिवार्य पूर्ण कैबिनेट बैठक को दरकिनार करने के आरोपों में सजा सुनाई।

यून का कहना है कि उनका देश पर लंबे समय तक सैन्य शासन लागू करने का कोई इरादा नहीं था।(former President Yoon five years prison) उनके अनुसार, यह आदेश केवल जनता को उस खतरे से अवगत कराने के लिए था, जो उनके एजेंडे में बाधा डाल रही उदारवादी-नियंत्रित संसद से उत्पन्न हो रहा था। हालांकि, जांचकर्ताओं ने यून के आदेश को सत्ता को मजबूत करने और लंबे समय तक बनाए रखने की कोशिश माना है और उन पर विद्रोह, सत्ता के दुरुपयोग तथा अन्य अपराधों के आरोप लगाए।

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यून के कृत्यों से कानून व्यवस्था को पहुंचा नुकसान

न्यायाधीश बेक डे-ह्यून ने कहा कि ‘‘कड़ी सजा’’ देना इसलिए आवश्यक है क्योंकि यून ने न तो कोई पश्चाताप दिखाया है और न ही जिम्मेदारी स्वीकार की है, बल्कि वह केवल ‘‘समझ से परे बहाने’’ दोहराते रहे हैं। (former President Yoon five years prison) न्यायाधीश ने यह भी कहा कि यून के कृत्यों से कानून व्यवस्था को पहुंचे नुकसान की भरपाई करना भी जरूरी है।

यून को इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। उन्होंने अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।(former President Yoon five years prison) हालांकि, इससे पहले जब एक स्वतंत्र वकील ने इन आरोपों में यून के लिए 10 साल की जेल की सजा की मांग की थी, तब उनके बचाव पक्ष ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा था कि इतनी ‘‘ज्यादा’’ सजा की मांग करने का कोई कानूनी आधार नहीं है।

आपराधिक कानून के विशेषज्ञ वकील पार्क सुंग-बे ने कहा कि इस बात की संभावना बहुत कम है कि अदालत विद्रोह के मामले में यून को मृत्युदंड दे। (former President Yoon five years prison)  उनके अनुसार, अदालत संभवतः आजीवन कारावास या 30 साल या उससे अधिक कैद की सजा सुना सकती है। दक्षिण कोरिया में 1997 से मृत्युदंड पर व्यावहारिक रूप से रोक लगी हुई है और अदालतें बहुत कम ही मौत की सजा सुनाती हैं।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com