नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाला प्रमुख जहाजरानी मार्ग बंद हो गया है जिससे 1100 से अधिक नाविकों सहित भारतीय ध्वज वाले 37 जहाज फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्र में फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
एक अधिकारी ने बताया कि इनमें से कुछ जहाज भारतीय बंदरगाहों की तरफ जा रहे थे। इन जहाजों में कच्चा तेल और एलएनजी है। कुछ जहाज पेट्रोलियम उत्पाद लाने के लिये खाड़ी देशों की ओर जा रहे थे।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कुल 37 भारतीय जहाज हैं जिन पर 1109 नाविक हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग के बंद होने के कारण, फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्र में फंसे हुए हैं।
जहाजरानी महानिदेशालय लगातार जहाजरानी कंपनियों के संपर्क में है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर तैनात कम से कम तीन भारतीय नाविक मारे गए और एक अन्य घायल हो गया।
जहाजरानी मंत्रालय ने इस संबंध में एक त्वरित प्रतिक्रिया दल का गठन किया है जो अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने, उभरती स्थितियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और भारतीय नाविकों एवं उनके परिवारों को शीघ्र सहायता प्रदान करने में भूमिका अदा करेगा।
जहाजरानी महानिदेशालय ने जहाज संचालकों के लिए एक सलाह जारी की है।
केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को फारस की खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का आकलन करने और भारतीय समुद्री संपत्तियों एवं कर्मियों पर इसके प्रभावों की जांच के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
भाषा रंजन अविनाश
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