कांग्रेस ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में घोटाले का आरोप लगाया, जांच की मांग की

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में घोटाले का आरोप लगाया, जांच की मांग की

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में घोटाले का आरोप लगाया, जांच की मांग की
Modified Date: January 12, 2026 / 10:34 pm IST
Published Date: January 12, 2026 10:34 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत नामांकन एवं ‘प्लेसमेंट’ में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस योजना के माध्यम से किये गये धन वितरण की गहन जांच की मांग की।

कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता कन्नन गोपीनाथन ने पीएमकेवीवाई में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए। इसलिए हम चाहते हैं कि सरकार एक जांच कराए और सच्चाई सामने लाए।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘यह न केवल देश के करदाताओं के साथ विश्वासघात है, बल्कि युवाओं के साथ भी विश्वासघात है।’’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 2015 से 2022 तक के प्रदर्शन पर कैग की हालिया रिपोर्ट ने पीएमकेवीवाई में घोटाले का पर्दाफाश किया है।

गोपीनाथन ने कहा कि राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन को मोदी सरकार ने पुनर्गठित करके पीएमकेवीवाई नाम दिया और सात वर्षों में इस योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये वितरित किए।

उन्होंने दावा किया कि कैग रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि लाभार्थियों के 94.53 प्रतिशत बैंक खाते फर्जी निकले, 96 प्रतिशत मोबाइल नंबर फर्जी थे और 97 प्रतिशत में फर्जी मूल्यांकनकर्ता विवरण थे।

उन्होंने यह भी कहा कि योजना के तहत 61 लाख प्रशिक्षकों के बारे में जानकारी अधूरी है।

गोपीनाथन ने दावा किया कि रिपोर्ट में यह बताया गया है कि प्रशिक्षण पूरा करने वाले एक करोड़ लोगों के ईमेल और मोबाइल नंबर एक ही हैं।

उन्होंने कहा कि जब केरल की एक कंपनी में ऑडिट किया गया, तो पता चला कि वहां लोगों की नियुक्ति भी नहीं हुई है।

भाषा

राजकुमार दिलीप

दिलीप


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