कांग्रेस गठबंधन असम में बहुमत से सरकार बनाएगी : खरगे

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कांग्रेस गठबंधन असम में बहुमत से सरकार बनाएगी : खरगे

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 08:56 PM IST,
    Updated On - April 7, 2026 / 08:56 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

गुवाहाटी, सात अप्रैल (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को दावा किया कि नौ अप्रैल को असम की 126 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन करीब 73 सीट जीतकर सरकार बनाएगा।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा भारत में ‘‘सबसे भ्रष्ट’’ नेता हैं तथा उनके खिलाफ लगे आरोपों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को टिप्पणी करनी चाहिए।

खरगे ने दावा किया, ‘कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन असम में अगली सरकार बनाने जा रहा है। हम 72-73 सीटें जीतेंगे।’’

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की सर्वेक्षण टीम ने जमीनी स्तर से जो प्रतिक्रिया दी है, उससे यह स्पष्ट है कि निश्चित रूप से विपक्षी गठबंधन सरकार बनाएगा।

खरगे से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की सरकार बनने पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई मुख्यमंत्री होंगे, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी की नीति यह है कि सभी निर्वाचित विधायक बैठक करके अपने नेता चुनते हैं। वे अपनी पसंद आला कमान को बताएंगे, जो मुख्यमंत्री की घोषणा करेगा।’’

कांग्रेस नीत गठबंधन में शामिल असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई और रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने कई चुनाव सभाओं में घोषणा की है कि उनके गठबंधन को जीत मिलने की स्थिति में गोगोई ही मुख्यमंत्री होंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री शर्मा पर निशाना साधा।

खरगे ने आरोप लगाया, ‘भारत में कोई भी मुख्यमंत्री उनके जैसा अहंकारी नहीं है। हिमंत विश्व शर्मा केवल अपने परिवार के विकास के लिए काम कर रहे हैं। वह चाय, स्कूल, कोयला, अंडा, जमीन, सुपारी, हर चीज में सिंडिकेट चला रहे हैं।’

उन्होंने दावा किया कि शर्मा के कैबिनेट का हर सदस्य ‘भ्रष्ट’ है और उन सभी के पास ‘हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति’ है जबकि बड़े औद्योगिक घराने राज्य में ‘जमीन पर कब्जा’ कर रहे हैं।

खरगे ने कहा, ‘मैं असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर मोहन भागवत की प्रतिक्रिया चाहता हूं। मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से उनके गोद लिये बेटे हिमंत को लेकर प्रतिक्रिया देने का अनुरोध करता हूं।आपने कहा था ‘ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’, तो फिर जांच क्यों नहीं हो रही है?’’

विपक्ष अक्सर प्रधानमंत्री मोदी के भ्रष्टाचार को खत्म करने के वादे ‘ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’ – का हवाला देते हुए उन पर हमला करता है। उसका आरोप है कि प्रधानमंत्री केवल बयानबाजी करते हैं।

खरगे ने पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई की संपत्तियों की ओर ध्यान दिलाया और उनकी तुलना शर्मा की संपत्तियों से करने का प्रयास किया।

शर्मा की पत्नी के पास तीन विदेशी पासपोर्ट होने और विदेश में संपत्ति होने के कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सभी एजेंसियां ​​केंद्र सरकार के अधीन हैं, जिन्हें आरोपों की जांच करनी चाहिए।

खरगे ने कहा,‘‘कोयला को सौ बार साफ करने पर भी वह काला ही रहेगा… खेड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। उन्हें मामले की जांच करने दीजिए। जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ेगा, हम उसका सामना करेंगे। हमने आरोपों की जांच के लिए ईडी या सीबीआई से अनुरोध किया है।’’

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा केंद्र और असम में ‘डबल इंजन वाली सरकार’ चला रही है, इसलिए उसे आरोपों की तुरंत जांच करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्री आपकी पार्टी से हैं। राज्य विदेश मंत्री भी आपकी पार्टी से और इसी राज्य से हैं। अगर यह फर्जी है तो उन्हें स्पष्टीकरण देना चाहिए।’’

खरगे ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी या गांधी परिवार के बारे में बात करने का ”कोई अधिकार नहीं” है, जिनके सदस्यों ने देश को एकजुट करने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया है।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब सभी पार्टियों ने सोनिया गांधी को दो बार प्रधानमंत्री पद के लिए चुना, तो उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया और इस पद के लिए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह को चुना। क्या कोई ऐसा बलिदान दे सकता है?’’

खरगे ने कहा कि 1989 के बाद से गांधी परिवार का कोई भी सदस्य प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री नहीं बना है, और ‘मोदी झूठ बोल रहे हैं’।

कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी पर अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण करने के आरोप पर कहा, ‘‘जिनके पास कम दिमाग है, वे कांग्रेस को मुस्लिम समर्थक और पाकिस्तान समर्थक कहते हैं।’’

उन्होंने जुबिन गर्ग मौत मामले में त्वरित अदालत की स्थापना में कथित देरी को लेकर असम सरकार की आलोचना भी की।

उन्होंने कहा, ‘‘छह महीने तक भाजपा सरकार ने त्वरित अदालत का गठन नहीं किया… हमारी सरकार बनने पर हम जुबिन गर्ग को न्याय देंगे और सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर दोषियों को सजा देंगे।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन अगली सरकार बना रहा है, इसलिए असम में महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘सभी मौजूदा योजनाएं जारी रहेंगी, और नकद राशि में वृद्धि की जाएगी। सभी महिलाओं को बिना शर्त लाभ दिया जाएगा। भाजपा केवल उन्हीं महिलाओं को लाभ देती है जो उनकी रैलियों में शामिल होती हैं और न आने पर उनके नाम हटाने की धमकी देती है।’’

उन्होंने कहा, ‘देश अधिक महत्वपूर्ण है। एक अच्छी सरकार महत्वपूर्ण है। यदि मुख्यमंत्री भ्रष्ट है, तो पूरा शासन और प्रशासन प्रभावित होगा। यह (चुनाव) हमारी लड़ाई नहीं है। यह हिमंत विश्व शर्मा बनाम जनता का चुनाव है। हम जनता के साथ खड़े हैं।’

कांग्रेस महासचिव और असम के प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी ने शर्मा की पत्नी के कथित तौर पर विदेश में संपत्ति रखने और चुनावी हलफनामे में इसकी घोषणा नहीं करने के संबंध में निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज की है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘हलफनामे में बहुत सारी विसंगतियां हैं। हमें निर्वाचन आयोग से ज्यादा उम्मीद नहीं है…अगर जरूरत पड़ी तो हम उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। अगर हिमंत विश्व शर्मा फिर से मुख्यमंत्री बन भी गए तो अयोग्य करार दिए जाएंगे।’

खरगे से जब कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने से पड़ने वाले असर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि ‘गद्दार’ पार्टी छोड़ चुके हैं, और इसका चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

भाषा धीरज माधव

माधव