नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने मंगलवार को अपने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे शिक्षा क्षेत्र में सुधारों के लिए कार्ययोजना तैयार करें और युवाओं के बीच राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के ‘‘विभाजनकारी एवं जहरीले’’ एजेंडे को उजागर करने के लिए कदम उठाएं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में कर्नाटक, केरलम, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की और उनसे शिक्षा के क्षेत्र में अपने राज्यों को आदर्श राज्य के रूप में पेश करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी, केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कुछ अन्य नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारी चर्चा इस बात पर हुई कि शिक्षा क्षेत्र के माध्यम से आरएसएस के विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रयासों को कैसे रोका जाए और कांग्रेस शासित राज्य शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श राज्य के रूप में कैसे उभर सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर शिक्षा विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों के मार्गदर्शन में संगोष्ठी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन संगोष्ठियों से मिले सुझावों के आधार पर मुख्यमंत्री एक महीने के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे, ताकि शिक्षा क्षेत्र में सुधार किए जा सकें और राज्यों को शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श बनाया जा सके।
वेणुगोपाल ने कहा कि इन योजनाओं को लागू करने की रूपरेखा तैयार करने के लिए विशेषज्ञों के साथ राष्ट्रीय स्तर का एक सेमिनार भी आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री इस बात पर प्रस्तुतियां देंगे कि आरएसएस का जहरीला एजेंडा शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से हमारे युवाओं के मन को कैसे प्रभावित कर रहा है और इस खतरनाक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आरएसएस समर्थित कुलपतियों की नियुक्तियां किस तरह की जा रही हैं।’’
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