गोयल अमेरिकी सांसदों के विधेयक पर स्पष्टीकरण दें, भारत का अपमान हो रहा : कांग्रेस
गोयल अमेरिकी सांसदों के विधेयक पर स्पष्टीकरण दें, भारत का अपमान हो रहा : कांग्रेस
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने अमेरिकी सांसदों के एक समूह की ओर से रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले पांच देशों पर 100 फीसदी शुल्क लगाने संबंधी विधेयक पेश किए जाने के बाद बुधवार को इस मुद्दे पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से स्पष्टीकरण की मांग की और दावा किया कि भारत को ‘‘अपमानित’’ किया जा रहा है।
अमेरिकी सांसदों के द्विदलीय समूह ने एक विधेयक पेश किया है, जिसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया गया है।
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम की पहल पर तैयार इस विधेयक में रूस से गैस खरीदने वाले 15 यूरोपीय देशों को शुल्क से छूट दी गई है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि रूस से इन देशों की खरीद उनकी कुल जरूरत का बहुत छोटा हिस्सा है और ये देश मॉस्को पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए कदम उठा रहे हैं। ग्राहम का बीते रविवार को निधन हो गया।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए केंद्रीय मंत्री गोयल से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के अमेरिका के साथ बेहतर शर्तों वाले व्यापार समझौते का इंतजार करने संबंधी खबरों को तुरंत खारिज करने वाले पीयूष गोयल को इस बारे में स्थिति साफ करनी चाहिए। ये अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के डेमोक्रेट सदस्य नहीं हैं। ये रिपब्लिकन सीनेटर हैं, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त है और जो रूस से तेल खरीदने पर भारत तथा चार अन्य देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की मांग कर रहे हैं।’’
कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘जरा सोचिए, रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए ट्रंप की मंजूरी लेने की जरूरत पड़ी और अब उसी काम के लिए दंडात्मक शुल्क की धमकी दी जा रही है। यह देश का अपमान है।’’
अगर यह विधेयक पारित हो जाता है, तो ऐसा पहली बार होगा, जब अमेरिकी कांग्रेस (संसद) किसी अन्य देश के युद्ध प्रयासों के लिए धन उपलब्ध कराने वाले देश को दंडित करने के उद्देश्य से शुल्क को भू-राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की स्पष्ट अनुमति देगी।
विधेयक के पहले के संस्करण में रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव था।
भाषा
हक हक पारुल
पारुल

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