असम में गरीबी कम करने में प्रत्यक्ष नकद अंतरण की अहम भूमिका : मुख्यमंत्री हिमंत

असम में गरीबी कम करने में प्रत्यक्ष नकद अंतरण की अहम भूमिका : मुख्यमंत्री हिमंत

असम में गरीबी कम करने में प्रत्यक्ष नकद अंतरण की अहम भूमिका : मुख्यमंत्री हिमंत
Modified Date: July 15, 2026 / 05:31 pm IST
Published Date: July 15, 2026 5:31 pm IST

गुवाहाटी, 15 जुलाई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि राज्य में गरीबी कम करने में प्रत्यक्ष नकद लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं की सबसे बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य की बहुआयामी गरीबी दर को घटाकर एकल अंक (10 प्रतिशत से कम) पर लाना है।

विधानसभा में राज्य बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए शर्मा ने बताया कि असम में बहुआयामी गरीबी दर वर्ष 2015 के 32.67 प्रतिशत से घटकर अब 14.47 प्रतिशत रह गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में गरीबी उन्मूलन में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है और हमारा लक्ष्य इसे (बहुआयामी गरीबी दर) घटाकर एकल अंक तक लाना है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि गरीबी पर सीधे प्रहार करना है तो डीबीटी सबसे प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में केंद्र सरकार से मिले सहयोग के कारण उनकी सरकार व्यापक और परिवर्तनकारी विकास कार्य करने में सफल रही है।

शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकारें गरीबी कम करने में इसलिए सफल नहीं हो सकीं क्योंकि उस समय लोगों के पास न तो बैंक खाते थे और न ही आधार की सुविधा उपलब्ध थी।

शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने स्वीकार किया था कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का केवल एक छोटा हिस्सा ही वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच पाता था।

उन्होंने कहा कि अध्ययनों से पता चला है कि असम में गरीबी कम करने में अरुणोदय और मुफ्त अनाज वितरण जैसी कल्याणकारी योजनाओं का सबसे बड़ा योगदान रहा है।

भाषा शफीक मनीषा

मनीषा


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