छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं का सड़कों पर टकराव
छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं का सड़कों पर टकराव
नयी दिल्ली/हैदराबाद, 22 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) के मुद्दे पर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन बुधवार को पूरे देश में कांग्रेस और भाजपा की ताकत प्रदर्शन के रूप में तब्दील हो गया और दोनों दलों के बीच कई स्थानों पर झड़पें होने तथा तनावपूर्ण हालात पैदा होने की खबरें मिली।
दोनों दलों के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं को जबरन हटाए जाने के एक दिन बाद बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरे।
कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नेता मंगलवार रात हिरासत में लिये गए और बाद में रिहा किए गए पार्टी नेताओं के साथ पुलिस की कथित ‘सख्ती’ और ‘दुर्व्यवहार’ से आक्रोशित थे। वहीं, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गांधी और विपक्षी नेताओं के ‘अनियंत्रित और अराजक व्यवहार’ के खिलाफ विरोध जताया।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए बुधवार को परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े, सोमवार को हुई हिंसा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी, छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा में सुधार की मांग की।
कई जगहों पर दोनों पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने प्रदेश अध्यक्षों के नेतृत्व में एक-दूसरे के दफ्तरों तक मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनमें से कई को हिरासत में ले लिया।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में, भाजपा के प्रदेश कार्यालय के नजदीक राज्य की विपक्षी भाजपा और सत्तारूढ़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प में एक महिला पुलिस कॉन्स्टेबल समेत दो लोग घायल हो गए।
टकराव तब शुरू हुआ जब पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी विधान पार्षद (एमएलसी) वेंकट बालमूर के नेतृत्व वाले समूह को रोक दिया। बालमूर-नीत समूह भाजपा कार्यालय तक मार्च करने का प्रयास कर रहा था। यह मार्च भाजपा के कुछ नेताओं और सदस्यों द्वारा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच करने की कोशिश के जवाब में किया जा रहा था।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान आमने-सामने आ गए और उनके बीच झड़प हो गई, जिससे तनाव फैल गया। दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर हिंसा और उकसावे का आरोप लगाया।
बिहार की राजधानी पटना में भी भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच उस समय झड़प हुई, जब सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विपक्ष पर ‘अराजकता’ फैलाने का आरोप लगाते हुए एक जुलूस निकाला।
बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में भाजपा का मार्च सदाकत आश्रम स्थित बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (बीपीसीसी)मुख्यालय के गेट तक पहुंचा, जिसमें पार्टी कार्यकर्ता गांधी के विरोध में पोस्टर और बैनर लिये हुए थे।
लाठी लिये कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भाजपा के जुलूस के सामने आने और दोनों पक्षों के बीच झड़प होने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया। इस दौरान कई लोग घायल हो गए। हालांकि, घायलों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र में शामिल हो रहे दोनों सदनों के सदस्यों को अंदर ही बंद कर दिया गया, क्योंकि प्रशासन ने विधानसभा परिसर को सील करने का आदेश दिया था। यह आदेश तब दिया गया जब प्रदर्शनकारियों का एक समूह प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गया। इनमें से अधिकतर प्रदर्शनकारी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के छात्र संगठन आइसा से जुड़े थे।
जम्मू में कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के नजदीक शहीदी चौक पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और अवरोधक लगाने पड़े।
मध्यप्रदेश के जालना से सांसद और कांग्रेस नेता कल्याण काले के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान दोनों पार्टियों के बीच टकराव देखने को मिला। भाजपा के विरोध प्रदर्शन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता सांसद के दफ्तर पहुंचे और जवाबी प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव और पार्टी के कई नेताओं को राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ले लिया गया।
महाराष्ट्र में, मुंबई स्थित महाराष्ट्र भाजपा कार्यालय की ओर मार्च करते समय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में पार्टी नेताओं को हिरासत में लिया गया। नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जबरन हटाया और वाहन में बिठा लिया।
सपकाल ने आरोप लगाया कि नरन्द्र मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया है और नीट प्रश्नपत्र लीक समेत परीक्षाओं में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों को दूर करने में नाकाम रही है।
भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष और विधायक अमित साटम के नेतृत्व में पार्टी ने दक्षिण मुंबई में मार्च निकाला राहुल गांधी से अपने पासपोर्ट की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष विदेश यात्राओं के दौरान भारत के ‘दुश्मनों’ से मुलाकात की थी और वे देश में अराजकता फैलाने पर आमादा हैं।
उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना(उबाठा) ने भी लगातार तीसरे दिन परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षामंत्री का पुतला फूंका।
कर्नाटक भाजपा ने बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में पार्टी मुख्यालय के पास राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के प्रदर्शन के जवाब में कांग्रेस कार्यालय की ओर एक जवाबी विरोध मार्च निकाला।
राजस्थान में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जयपुर में कांग्रेस कार्यालय तक मार्च निकाला।
मणिपुर में मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह समेत भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इंफाल में राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया और उन पर छात्रों से जुड़े मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
भाजपा और कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाइयों ने भी प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्षी नेताओं के धरने के मुद्दे को लेकर लखनऊ में अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किए।
लखनऊ में भाजपा ने मॉल एवेन्यू में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने के लिए मार्च किया। कांग्रेस ने भी राहुल गांधी और दूसरे कांग्रेस नेताओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को उनके द्वारा निर्धारित गंतव्यों से पहले ही रोक दिया।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सत्तारूढ़ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय का घेराव करने की कोशिश की और विपक्षी पार्टी ‘अराजकता और हिंसा’ फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
भाजपा कार्यकर्ताओं के ‘टर्निंग पॉइंट’ चौराहे के पास बैरिकेड्स पार करके प्रदेश कांग्रेस कार्यालय ‘राजीव भवन’ की ओर बढ़ने की कोशिश करने पर पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें छोड़ी और आंसू गैस के गोले छोड़े।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘पुलिस सुरक्षा’ में उसके कार्यकर्ताओं पर पथराव किया। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में गांधी के विरोध-प्रदर्शन से भाजपा घबरा गई है।
विरोध-प्रदर्शन से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पूरे देश में अराजकता का माहौल बनाने की योजना बनाई थी।
विरोध प्रदर्शन में ओपी चौधरी, श्याम बिहारी जायसवाल, लखन लाल देवांगन, दयालदास बघेल, गुरु खुशवंत साहेब, टंक राम वर्मा, राजेश अग्रवाल और लक्ष्मी राजवाड़े सहित कई भाजपा नेताओं और मंत्रियों के अलावा पार्टी पदाधिकारी और विधायक शामिल हुए।
भाषा धीरज सुरेश
सुरेश

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