असम में कांग्रेस ‘मुस्लिम लीग जैसी पार्टी’ हो गई : एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल

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असम में कांग्रेस 'मुस्लिम लीग जैसी पार्टी' हो गई : एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल

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  • Publish Date - May 7, 2026 / 09:49 PM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 09:49 PM IST

गुवाहाटी, सात मई (भाषा) एआईयूडीएफ के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस ‘‘मुस्लिम लीग जैसी पार्टी’’ बन गई है क्योंकि असम में उसके ज्यादातर विधायक अल्पसंख्यक समुदाय से हैं।

अजमल ने संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के इस दावे का समर्थन किया कि हाल में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में निर्वाचित हुए कांग्रेस के ज्यादातर सदस्य अल्पसंख्यक समुदाय से हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आप दोनों समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित क्यों नहीं कर पाए? आप असमिया क्षेत्रों में कुछ सीट क्यों नहीं जीत सके? इससे पता चलता है कि आपकी पार्टी का क्षरण हो गया है और वह मुस्लिम लीग जैसी पार्टी बन गई है।’’

नव निर्वाचित एआईयूडीएफ विधायक ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को इतिहास का पुनरावलोकन करने और पार्टी की कार्य संस्कृति का अध्ययन करने का सुझाव दिया।

अजमल ने कहा, ‘‘अगर आपको जानकारी नहीं है, तो मैं लिखकर आपको दे सकता हूं कि भारत की स्वतंत्रता में किन-किन लोगों का योगदान रहा और कांग्रेस पार्टी की स्थापना किसने की।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का गठन हिंदुओं और मुसलमानों ने मिलकर किया था तथा यही इसकी धर्मनिरपेक्ष प्रकृति थी।

अजमल ने कहा, ‘‘एक समय था जब कांग्रेस की बैठकें जमीयत उलेमा की बैठकों के साथ होती थीं और जमीयत द्वारा पारित प्रस्तावों को कांग्रेस द्वारा अपनाया जाता था। आज वह स्थिति नहीं है।’’

एआईयूडीएफ प्रमुख ने खेड़ा से सवाल करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह के बयान देने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें आत्मावलोकन करना चाहिए, अपने वरिष्ठों से सलाह लेनी चाहिए और इतिहास को समझना चाहिए। शायद अपनी उम्र के कारण वह अभी तक इससे अवगत नहीं हैं।’’

बुधवार को खेड़ा ने भाजपा पर चुनावों में डाले गए मतों को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा के पास देशभर में कुल 664 विधायक हैं, जिनमें से केवल लगभग 12 प्रतिशत मुस्लिम विधायक हैं, जो मुस्लिम समुदाय की जनसांख्यिकीय संरचना को दर्शाता है।

असम में कांग्रेस के जिन 19 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, उनमें से 18 मुस्लिम समुदाय से हैं और केवल एक हिंदू है।

भाषा सुभाष माधव

माधव