तिरुवनंतपुरम, 29 अगस्त (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन का काफिला रोकने के आरोप में कांग्रेस के एक नेता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।
काफिला रोकने के संबंध में मामला दर्ज होने के बाद तिरुवनंतपुरम जिला कांग्रेस कमेटी के नेता अनिल कुमार उर्फ चेंथी अनी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर और अन्य लोगों पर आरोप है कि उन्होंने शुक्रवार शाम समाज सुधारक श्री नारायण गुरु के जयंती कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे सतीशन का काफिला रोक दिया।
अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए कांग्रेस ने अनी को पार्टी से निकाल दिया।
पुलिस के अनुसार, अनी के खिलाफ स्थानीय थाने में छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि रास्ते में, चेंथी में श्री नारायण गुरु का एक अन्य कार्यक्रम आयोजित कर रहे लोगों के एक समूह ने मुख्यमंत्री की गाड़ी को रुकने का इशारा किया।
सतीशन उनके आग्रह पर गाड़ी से बाहर निकले और टेलीविजन फुटेज में कांग्रेस नेता अनी के साथ कथित तौर पर बहस करते दिखे।
पुलिस ने बताया कि उस जगह कुछ मिनट बिताने के बाद सतीशन अपनी गाड़ी में लौटे और चले गए।
अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में चेंथी में किसी भी कार्यक्रम का उल्लेख नहीं था।
इस घटना के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत आयोजकों ने अपनी एक तस्वीर जारी की, जिसमें वे कुछ महीने पहले सचिवालय में मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें चेंथी में होने वाले कार्यक्रम के लिए आमंत्रण देते नजर आते हैं।
उन्होंने पत्रकारों को यह भी बताया कि पुलिस बृहस्पतिवार को कार्यक्रम स्थल पर गई थी और मंच पर बैठने की अनुमति वाले लोगों की संख्या के बारे में सुझाव दिया था।
शुक्रवार देर रात अनी को हिरासत में लेकर श्रीकार्यम थाने ले जाया गया, जहां मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद उनकी गिरफ़्तारी दर्ज की गई।
मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 126(2), 351(2) और 132 के तहत दर्ज किया गया था, जो क्रमशः गलत तरीके से रोकने, आपराधिक धमकी देने और किसी सरकारी कर्मी को दायित्व निर्वहन से रोकने के लिए हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने से संबंधित हैं।
प्राथमिकी के मुताबिक, शाम लगभग 5.55 बजे मुख्यमंत्री की गाड़ी तब रुकी जब उन्होंने चेंथी में जुटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को देखा और उनसे बातचीत की।
इसमें कहा गया है कि आरोपी ने मुख्यमंत्री से कथित तौर पर आक्रामक शैली में बात की और उनसे चिल्लाकर पूछा कि तय कार्यक्रम होने के बावजूद वह इसमें क्यों शामिल नहीं हो रहे।
प्राथमिकी के अनुसार, जब आरोपी से आक्रामक न होने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे गुस्सा आ गया तो आप क्या करोगे?’’ इस तरह उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री का अपमान किया और काफिले के साथ मौजूद पुलिसकर्मियों के आधिकारिक कर्तव्य निर्वहन में बाधा डाली।
मामला एक अधिकारी के बयान के आधार पर दर्ज किया गया।
पुलिस ने कहा कि अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
दूसरी ओर, जब अनी को चिकित्सीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, तो उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी कांग्रेस के अंदर गुटीय राजनीति का परिणाम है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह पार्टी में गुटबाजी की वजह से है। गुटबाजी ही समस्या है।’’
हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री सतीशन के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।
बाद में अनी को अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि इस घटना के बाद अनी को पार्टी से निकाल दिया गया है।
जोसेफ ने कहा, ‘‘सरकारी स्तर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पार्टी स्तर पर भी अनी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।’’
जोसेफ ने बताया कि उन्होंने सतीशन से बात की थी, जिन्होंने उन्हें बताया कि चेंथी कार्यक्रम के आयोजकों को पहले ही बता दिया गया था कि वे इसमें शामिल नहीं होंगे।
जोसेफ ने कहा, ‘‘अनी की तरफ से यह गलत कदम था, जिसके कारण पुलिस ने मामला दर्ज किया और पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की। उनकी कमी सामने आने के बाद पार्टी ने कार्रवाई की।’’
अनी की गिरफ़्तारी पर जिला स्तर के कुछ कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई है।
जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य सुहैल शाहजहां ने श्रीकार्यम थाने में अनी से मुलाकात की और उनकी गिरफ्तारी का विरोध किया।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘चाहे वे किसी भी गुट या धड़े से जुड़े हों, एक व्यक्ति के तौर पर मुझे इस बात का दुख है कि अनी जैसे कांग्रेस कार्यकर्ता को, जिसने पार्टी के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और उसके लिए दिन-रात काम किया, इस तरह गिरफ्तार किया गया।’’
भाषा
शफीक देवेंद्र
देवेंद्र