कोझिकोड (केरल), 29 अगस्त (भाषा) पूर्व विधायक पी.वी. अनवर ने शनिवार को आरोप लगाया कि हाल में हुए केरल विधानसभा चुनाव में बेपोर विधानसभा क्षेत्र में उनकी हार की एक प्रमुख वजह संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के मजबूत गढ़ों में वोटों का छिटकना रहा।
अनवर ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) से अलग होकर बेपोर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और उन्हें यूडीएफ का समर्थन प्राप्त था। पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास ने विधानसभा चुनाव में अनवर को हराया था।
हाल में कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि अगर बेपोर से कोई दूसरा उम्मीदवार चुनाव लड़ता तो यूडीएफ कोझिकोड जिले की सभी 13 विधानसभा सीट जीत सकती थी।
अनवर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में सवाल उठाया कि “मैं चुनाव हारा हूं या मुझे जानबूझकर हराया गया?”
उन्होंने कहा कि हाल में सामने आए घटनाक्रम और मीडिया में आई खबरों के बाद उन्हें अपनी बात रखने के लिए मजबूर होना पड़ा।
अनवर ने दावा किया कि उनकी उम्मीदवारी ने ‘पिनराईवाद’, ‘दामाद की राजनीति’ और ‘परिवारवाद’ जैसे मुद्दों को सामने लाने में मदद की। साथ ही, इससे कोझिकोड जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में यूडीएफ को भी फायदा हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि फेरोक, रामनाट्टुकारा और चेरुवन्नूर-नल्लालम जैसे यूडीएफ के मजबूत गढ़ों में वोटों का एक हिस्सा छिटक गया। हालांकि, वामपंथियों के मजबूत गढ़ों से मिले वोटों ने इस नुकसान की भरपाई कुछ हद तक कर दी।
अनवर ने कहा कि यूडीएफ के स्थानीय नेताओं ने उनसे बेपोर में वाम उम्मीदवार की बढ़त कम करने के लिए कहा था और भरोसा दिलाया था कि वे अन्य इलाकों में पार्टी के पक्ष में वोट सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने कहा, “मैंने अपना वादा निभाया। हम बेपोर में वाम उम्मीदवार की बढ़त घटाकर करीब 5,000 तक लाने में सफल रहे।”
अनवर ने कहा कि अगर फेरोक और रामनाट्टुकारा में यूडीएफ को उम्मीद के मुताबिक बढ़त मिली होती तो चुनाव नतीजा कुछ और हो सकता था।
यूडीएफ ने अनवर की उम्मीदवारी को हार की वजह मानने से इनकार किया
इस बीच, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रदेश महासचिव पी.एम.ए. सलाम ने पत्रकारों से कहा कि बेपोर विधानसभा क्षेत्र में यूडीएफ की हार की वजह अनवर की उम्मीदवारी नहीं थी।
सलाम ने कहा, “क्या अनवर उन सभी विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार थे, जहां एलडीएफ को जीत मिली? हार के पीछे राजनीतिक कारण भी हो सकते हैं। हम यह नहीं कह रहे कि कोई उम्मीदवार इसलिए हार गया क्योंकि वह अच्छा उम्मीदवार नहीं था।”
उन्होंने कहा कि यूडीएफ के गढ़ों में वोटों के छिटकने के अनवर के आरोपों की जांच की जाएगी।
भाषा राजकुमार खारी
खारी