कांग्रेस ने देश को बेचा, मोदी ने नहीं : सीतारमण का राहुल पर पलटवार
कांग्रेस ने देश को बेचा, मोदी ने नहीं : सीतारमण का राहुल पर पलटवार
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बुधवार को पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस 2013 में बाली में विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) की बैठक में भारत के हितों से समझौता करके आई थी।
उन्होंने बजट पर चर्चा में राहुल के भाषण को लेकर उन पर पलटवार किया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करके नरेन्द्र मोदी सरकार ने पूरी तरह समर्पण कर दिया है और ‘‘उसे शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है।’’
सीतारमण ने बजट पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि 2013 में (इंडोनेशिया के) बाली में आयोजित विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में कांग्रेस समझौता करके आई थी।
उन्होंने दावा किया, ‘‘इस समझौते के कारण 2017 से भारत में किसान से कोई खरीद नहीं हो सकती थी। हम राशन की दुकान से गरीबों को कुछ नहीं दे सकते थे।’’
इस दौरान कांग्रेस के सदस्य हंगामा करने लगे और अपने स्थान पर खड़े होकर वित्त मंत्री की बातों पर विरोध दर्ज कराने लगे।
विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही सीतारमण ने कहा कि इस समझौते के कारण देश में 2017 से पीडीएस (जन वितरण प्रणाली) की सामग्री का वितरण नहीं हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘गरीब को, किसान को, बेचने वाले ये लोग थे। डब्ल्यूटीओ में ‘सरेंडर’ करके ये लोग आये। नेता प्रतिपक्ष को (नरेन्द्र मोदी) सरकार पर आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।’’
वित्त मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस समझौते के प्रावधान बदले थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा भारत के हित में बोलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नहीं बल्कि कांग्रेस ने देश को बेचा।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के द्वारा सदन में दिये गए वक्तव्य को दोहराते हुए वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो भारत को बेच सकता है और खरीद सकता है।’’
सीतारमण ने ‘शर्म अल-शेख संयुक्त बयान’ का भी जिक्र किया और पूर्ववर्ती संप्रग सरकार पर पाकिस्तान के साथ संबंधों में संप्रभुता व सुरक्षा पर भारत की स्थिति को कमजोर करने का आरोप लगाया।
सीतारमण ने कहा कि राहुल ने बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल को अपना दोस्त बताया, जबकि उनकी पार्टी (कांग्रेस) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए रवनीत बिट्टू को ‘‘गद्दार’’ कहा।
सीतारमण ने सवाल किया, ‘‘आसन पर बैठे व्यक्ति यदि दोस्त हैं तो हमारे (भाजपा के) बिट्टू गद्दार कैसे हो गए।’’
वित्त मंत्री ने कहा कि डेटा को लेकर राहुल के आरोप गलत हैं और नेता प्रतिपक्ष ने बजट के प्रावधान नहीं पढ़े हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया एआई मिशन के तहत एक हजार करोड़ रुपये का बजट इस विषय के लिए आवंटित किया गया है जिससे डेटा सुरक्षित होगा।
उन्होंने राहुल पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘बजट को पढ़ा नहीं है, आ गए हमारे लीडर ऑफ अपोजिशन (नेता प्रतिपक्ष) बात करने के लिए।’’
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार डेटा केंद्रों को प्रोत्साहन दे रही है ताकि डेटा भारत में ही रहे। साथ ही, उन्होंने राहुल के इस दावे की कड़ी आलोचना की कि भारतीय डेटा देश से बाहर चला जाएगा।
उन्होंने विपक्षी दल पर प्रहार करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस के लोगों को सुनने की क्षमता रखनी चाहिए।’’
विपक्ष के दावों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा एकत्र किया गया उपकर और अधिभार विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए राज्यों को दिया जाता है, और यह राज्यों को आवंटित 41 प्रतिशत धनराशि से अलग है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के कुछ सदस्यों की टोकाटोकी पर सीतारमण ने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना (उबाठा) नीत तत्कालीन सरकार समय पर जमीन आवंटित कर देती तो भारत में बुलेट ट्रेन चल रही होती।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश

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