तिरुवनंतपुरम, 19 अगस्त (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की केरलम इकाई के सचिव एम वी गोविंदन ने बुधवार को कांग्रेस पर भाजपा के ‘‘भगवाकरण एजेंडे’’ का पूरी तरह समर्थन करने का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री वी डी सतीशन राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सरकार की तरह शासन चला रहे हैं।
गोविंदन ने ये आरोप राज्य पुलिस प्रमुख को राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर द्वारा हाल में लोक भवन तलब किए जाने और विड़िण्गम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह से जुड़े हालिया शेयर हस्तांतरण के मुद्दे पर कांग्रेस नीत यूडीएफ सरकार के रुख के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए लगाए।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस का मौजूदा रुख दिखाता है कि वह भाजपा के भगवाकरण एजेंडे को पूरा समर्थन दे रही है।’’
उन्होंने विश्वविद्यालयों में दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थकों को कुलपति और सिंडिकेट सदस्यों के रूप में तथा भाजपा कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय सीनेट में नियुक्त किए जाने का हवाला दिया।
गोविंदन ने आरोप लगाया कि सतीशन आरएसएस के निर्देश पर काम करने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं।
उन्होंने राज्यपाल द्वारा हाल में राज्य पुलिस प्रमुख को तलब किए जाने का कड़ा विरोध नहीं करने के लिए भी सतीशन की आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस प्रमुख को तलब करने और उन्हें निर्देश देने के राज्यपाल के कदम के खिलाफ सीधे तौर पर एक शब्द भी नहीं कहा।’’
गोविंदन ने दावा किया कि पिछली एलडीएफ सरकार के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के इस तरह के प्रयासों का कड़ा विरोध किया था और कई मौकों पर अधिकारियों को लोक भवन तक नहीं भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत मौजूदा सरकार अब ऐसे कदमों के आगे झुक रही है।
उनकी यह टिप्पणी सतीशन की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री या सरकार की जानकारी के बिना राज्य पुलिस प्रमुख को राज्यपाल द्वारा तलब किया जाना अनुचित था और सरकार लोक भवन को अपनी कड़ी नाराजगी से अवगत कराएगी।
विड़िण्गम बंदरगाह में शेयर हस्तांतरण के मुद्दे पर गोविंदन ने मुख्यमंत्री के बयानों में विरोधाभास होने का आरोप लगाया।
माकपा नेता ने दावा किया कि सतीशन का यह कहना ‘‘झूठ’’ है कि उनकी सरकार ने शेयर हस्तांतरण को लेकर अदाणी समूह के प्रति कड़ी नाराजगी जताई थी।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ऐसी कोई नाराजगी जताए जाने का कोई सबूत नहीं है, जबकि दस्तावेजों से स्पष्ट रूप से साबित होता है कि ऐसी कोई नाराजगी व्यक्त नहीं की गई थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने पिछले महीने कहा था कि मुख्यमंत्री ने सरकार को जानकारी दिए बिना विड़िण्गम बंदरगाह में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी स्विट्जरलैंड की जहाजरानी कंपनी एमएससी को हस्तांतरित करने की अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) की घोषणा पर सरकार की नाराजगी से कंपनी को अवगत कराया था।
भाषा शोभना मनीषा
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