कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ के लिए ओडिशा के तीन विधायकों को निलंबित किया
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ के लिए ओडिशा के तीन विधायकों को निलंबित किया
भुवनेश्वर, 17 मार्च (भाषा) ओडिशा में विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान करने और उन्हें राज्यसभा चुनाव जीतने में मदद करने के लिए अपने तीन विधायकों को मंगलवार को निलंबित कर दिया। पार्टी ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।
इन विधायकों में सनाखेमुंडी के रमेश चंद्र जेना, मोहना के दशरथी गोमांगो और बाराबती-कटक की सोफिया फिरदौस शामिल हैं।
पार्टी के अनुसार, इन विधायकों ने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान राय के पक्ष में वोट दिया था।
उनके निलंबन की घोषणा करते हुए कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘जो लोग कांग्रेस के साथ विश्वासघात करते हैं, वे राष्ट्र के साथ विश्वासघात करते हैं।’’
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरबिंद दास ने कहा कि उनके कृत्यों की सावधानीपूर्वक समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया और इन कृत्यों को पार्टी के हितों के लिए हानिकारक माना गया।
उन्होंने बताया कि पार्टी की इस कार्रवाई की सूचना अध्यक्ष को दी जाएगी ताकि उन्हें विधानसभा से अयोग्य घोषित किया जा सके।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, ‘‘इन विधायकों से इस तरह के विश्वासघात की उम्मीद नहीं थी। हम सुनिश्चित करेंगे कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उन्हें विधानसभा से अयोग्य घोषित किया जाए।’’
उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को इस फैसले की जानकारी दे दी गई है।
तीन कांग्रेस विधायकों के अलावा बीजू जनता दल (बीजद) के आठ विधायकों ने भी राय के पक्ष में मतदान किया था, जिसके कारण विपक्ष के ‘‘साझा उम्मीदवार’’ दत्तेश्वर होता की हार हुई।
कांग्रेस ने रणनीतिक समझ के तहत बीजद उम्मीदवार होता का समर्थन करने का फैसला किया था।
कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ने बताया कि गोमांगो दो बार गजपति से पार्टी के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी को उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी। जेना एक कद्दावर नेता हैं, लेकिन उन्होंने खुद को बर्बाद कर लिया। सोफिया फिरदौस का भविष्य बहुत उज्ज्वल था। कटक से जीतने की उनकी संभावनाएं खत्म हो गई हैं। हम अयोग्यता की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।’’
मतदान से पहले कांग्रेस ने अपने आठ विधायकों को ‘‘प्रलोभनों से बचाने’’ के लिए कर्नाटक भेज दिया था।
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव हुए। इनमें से दो सीट भाजपा ने जीतीं और एक सीट बीजद ने हासिल की। इसके अलावा राय ने भी जीत हासिल की।
भाषा गोला शोभना
शोभना

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