पणजी, 17 मार्च (भाषा) कांग्रेस की गोवा इकाई ने मंगलवार को भाजपा नीत राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसने चुनाव आचार संहिता का बहाना बनाकर विधानसभा के बजट सत्र में कटौती की और गोवावासियों के जवाबदेही के अधिकार का हनन किया।
पोंडा विधानसभा क्षेत्र में नौ अप्रैल को उपचुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू होने के मद्देनजर सोमवार को गोवा के बजट सत्र को समाप्त कर दिया गया। इससे पहले राज्य का बजट पारित किया गया।
छह मार्च से शुरू हुआ यह सत्र पहले 27 मार्च तक संचालित होना था।
पोंडा विधानसभा उपचुनाव भाजपा विधायक रवि नायक के निधन के कारण कराया जा रहा है।
कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति (जीपीसीसी) के उपाध्यक्ष तुलियो डिसूजा और सुनील कावथंकर ने कहा कि सरकार विपक्ष के कड़े सवालों का सामना नहीं कर पा रही थी।
कावथंकर ने कहा, “सत्र छोटा करके सरकार ने गोवा के लोगों के अधिकारों का हनन किया है। हमारे विधायक जनहित के मुद्दे उठा रहे थे, लेकिन इस भ्रष्ट सरकार ने बहस को रोकने का विकल्प चुना। विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ, क्वेपेम के विधायक अल्टोन डि’कोस्टा और अल्दोना के विधायक कार्लोस फेरेरा ने सरकार की पोल खोल दी थी।”
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में उपचुनाव होने के बावजूद वहां की विधानसभाओं के सत्र को छोटा नहीं किया गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत द्वारा किए गए ‘हैप्पीनेस इंडेक्स’ के दावों को भी खारिज किया।
कावथंकर ने कहा, “लोग परेशान हैं और युवा बेरोजगार हैं। सच्चाई यह है कि खुशी नहीं, निराशा बढ़ी है।”
उन्होंने दावा किया कि 2022 से अब तक सरकार ने कार्यक्रमों पर 677 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिनमें ‘विकसित गोवा, विकसित भारत’ कार्यक्रम पर किए गए 13 करोड़ रुपये शामिल हैं।
डिसूजा ने आरोप लगाया कि सरकार हर मोर्चे पर, खासकर वित्तीय प्रबंधन में, विफल रही है।
भाषा
राखी पवनेश
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