नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को कहा कि हाल के हफ्तों में जंतर-मंतर और दूसरी जगहों पर हुए विरोध-प्रदर्शनों की एक तात्कालिक वजह तो परीक्षा प्रणाली में कथित धांधली रही है, लेकिन युवाओं और उनके माता-पिता की तकलीफ एवं गुस्से की अधिक बुनियादी वजहें शिक्षा तक पहुंच और खर्च उठाने की क्षमता से जुड़ी हैं, जैसा कि घरेलू खर्च के आंकड़ों से पता चलता है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि युवा और उनके माता-पिता शिक्षा तक पहुंच और खर्च उठाने की क्षमता के मुद्दों पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ ‘सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी’ (सीएमईआई) ने 2014-15 से 2025-26 के बीच के घरेलू व्यय के आंकड़ों का हाल में विस्तृत विश्लेषण किया है और इसके निष्कर्ष बेहद गंभीर हैं। शिक्षा पर होने वाला खर्च घरेलू आय की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है। परिवार अपनी आय का पहले की तुलना में कहीं बड़ा हिस्सा शिक्षा पर खर्च कर रहे हैं।’’
जयराम रमेश ने सीएमआईई के विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा, ‘‘निजी ट्यूशन शिक्षा पर होने वाले घरेलू खर्च का सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा बन गया है। स्कूल और कॉलेज की फीस में पिछले एक दशक के दौरान लगातार वृद्धि हुई है जो घरेलू आय में हुई बढ़ोतरी से भी अधिक है।’’
उन्होंने कहा कि किताबों पर खर्च इससे भी अधिक तेजी से बढ़ रहा है तथा इसके पीछे पाठ्यपुस्तकों और संदर्भ पुस्तकों की बढ़ती कीमतें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर बढ़ता खर्च एवं अतिरिक्त अध्ययन सामग्री पर बढ़ता व्यय जैसे कारण हो सकते हैं।
जयराम रमेश ने कहा, ‘‘हाल के सप्ताहों में जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर हुए विरोध प्रदर्शनों का तात्कालिक कारण प्रधानमंत्री और (पूर्व) शिक्षा मंत्री द्वारा लागू की गई कथित अनुचित एवं धांधलीपूर्ण परीक्षा प्रणाली है लेकिन युवाओं और उनके अभिभावकों की पीड़ा, चिंता और गुस्से के पीछे शिक्षा तक पहुंच और खर्च उठाने की क्षमता से जुड़े कहीं अधिक गहरे कारण हैं जिन्हें सीएमआईई के घरेलू व्यय के आंकड़े सामने लाते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे अब तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।’’
जयराम रमेश की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर बढ़ते दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान को शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री से पद से इस्तीफा देना पड़ा।
भाषा शोभना सिम्मी
सिम्मी