सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री पद से हटाया तो कांग्रेस को परिणाम भुगतने होंगे: पिछड़ा वर्ग संगठन

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सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री पद से हटाया तो कांग्रेस को परिणाम भुगतने होंगे: पिछड़ा वर्ग संगठन

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  • Publish Date - May 27, 2026 / 09:19 PM IST,
    Updated On - May 27, 2026 / 09:19 PM IST

बेंगलुरु, 27 मई (भाषा) कर्नाटक में पिछड़ा वर्ग समुदायों के एक संघ ने बुधवार को कांग्रेस और पार्टी आलाकमान को चेतावनी दी कि सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री पद से हटाने पर सत्तारूढ़ दल को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

‘कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग समुदाय महासंघ’ के नेताओं ने दावा किया कि कांग्रेस पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और दलित समुदायों के समर्थन से सत्ता में आई है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में सिद्धरमैया के कद का कोई दूसरा नेता नहीं है और उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

संगठन के अध्यक्ष रामचंद्रप्पा ने कहा, ‘‘हमारी अब तक मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हुई है, लेकिन हमें खबरें मिली हैं कि कांग्रेस आलाकमान ने उनसे इस्तीफा मांगा है। चूंकि सिद्धरमैया मंत्रियों और नेताओं के साथ बैठक में हैं, इसलिए हम उनसे मिल नहीं सके हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर सिद्धरमैया के इस्तीफे की मांग की खबरें सच हैं तो कांग्रेस से जुड़े 70 प्रतिशत समुदाय की संख्या शून्य हो जाएगी। हम आने वाले दिनों में इस चीज को दिखाएंगे।’’

संगठन के अध्यक्ष ने पत्रकारों से कहा, ‘‘बिना किसी कारण के अगर सिद्धरमैया जैसे दिग्गज नेता को पद से हटाया जाता है, तो हम चुप नहीं रह सकते। हम आंदोलन की योजना बना रहे हैं और शायद कल (बृहस्पतिवार) से ही शुरू कर देंगे।”

रामचंद्रप्पा ने जोर देकर कहा कि उनकी चेतावनी सीधे कांग्रेस और पार्टी आलाकमान को है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने ही वोट देकर इस सरकार को चुना है। यह सरकार पिछड़े वर्ग और दलित एवं अल्पसंख्यक समुदाय के वोटों के कारण चल रही है। हमारी मांग है कि कोई बदलाव न किया जाए।”

रामचंद्रप्पा ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी में सिद्धरमैया के कद का कोई दूसरा नेता नहीं है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि सिद्धरमैया कुछ दिनों में (संभवतः बृहस्पतिवार को) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार उनकी जगह लेंगे।

ऐसी खबरें प्रसारित हुई थीं कि कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धरमैया को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए रास्ता बनाने को कहा है और उन्हें राज्यसभा सीट सहित पार्टी में एक केंद्रीय भूमिका की पेशकश की है।

खबरों के मुताबिक, सिद्धरमैया ने तुरंत यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। रामचंद्रप्पा ने चेतावनी दी कि अगर सिद्धरमैया को दरकिनार किया गया तो कांग्रेस को इसके परिणाम भुगतने होंगे।

भाषा जितेंद्र सुरेश

सुरेश