नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) भारतीय तटरक्षक बल के लिए एक तीव्र गश्ती पोत (एफपीवी) के निर्माण की सोमवार को शुरूआत की गई। यह तटीय सुरक्षा, खोज और बचाव तथा कानून प्रवर्तन के लिए बनाए जा रहे 14 जहाज़ों की श्रृंखला में चौथा जहाज़ है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ये जहाज़ देश के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विज़न के अनुरूप बनाए जा रहे हैं और इनसे हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक बल की मौजूदगी मजबूत होगी।
भारतीय तटरक्षक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 14 एफपीवी परियोजना के तहत एफपीवी-4 के साथ ही एफपीवी-7 के निर्माण की शुरूआत के लिए आज एमडीएल, मुंबई में समारोह आयोजित किया गया।
एफपीवी को अत्याधुनिक मशीनों से लैस किया जा रहा है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित रखरखाव प्रणाली और बहुउद्देशीय ड्रोन शामिल हैं।
इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में तटरक्षक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
एमडीएल के साथ 14 एफपीवी के डिज़ाइन और निर्माण का अनुबंध जनवरी 2024 में हुआ था।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लगभग 340 टन वजनी एफपीवी तटीय सुरक्षा, खोज और बचाव तथा कानून प्रवर्तन कार्यों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
भाषा
नेत्रपाल अविनाश
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