Cotton Import Duty Exemption: मोदी सरकार का बोल्ड फैसला.. पूरी तरह माफ़ किया आयात पर सीमा शुल्क, इन उद्योगों को दी अब तक की सबसे बड़ी राहत..

Ads

Cotton Import Duty Exemption Latest Order: कपास आयात पर 11 प्रतिशत शुल्क हटने से टेक्सटाइल उद्योग को राहत, उत्पादन लागत और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

  •  
  • Publish Date - May 30, 2026 / 08:11 PM IST,
    Updated On - May 30, 2026 / 08:12 PM IST

Cotton Import Duty Exemption Latest Order || Image- deccan chronicle FILE

HIGHLIGHTS
  • 1 जून से 31 अक्टूबर 2026 तक कपास आयात शुल्क पूरी तरह माफ।
  • टेक्सटाइल और परिधान उद्योग को बड़ी लागत राहत मिलने की उम्मीद।
  • निर्यात बढ़ाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत करने पर सरकार का फोकस।

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने भारतीय कपड़ा और परिधान उद्योग को बड़ी राहत दी है। (Cotton Import Duty Exemption Latest Order) सरकार ने 1 जून से 31 अक्टूबर 2026 तक कपास के आयात पर लगने वाला 11 प्रतिशत शुल्क अस्थायी रूप से हटा दिया है। इस फैसले का टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री ने स्वागत किया है।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

इस बारें में उद्योग संगठनों का कहना है कि इस फैसले से कपास की उपलब्धता बढ़ेगी, उत्पादन लागत कम होगी और भारतीय कपड़ा उद्योग को वैश्विक बाजार में कॉम्पटीशन करने में मदद मिलेगी। खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

कपड़ा उद्योग को मिलेगी राहत

अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AEPC) के चेयरमैन ए सक्थिवेल ने कहा कि कपास और धागे की बढ़ती कीमतों से उद्योग पर दबाव था। आयात शुल्क हटने से कच्चे माल की लागत कम होगी और निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। (Cotton Import Duty Exemption Latest Order) उन्होंने स्पिनिंग मिलों से भी अपील की कि वे सस्ती कपास का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए धागे की कीमतों को तर्कसंगत बनाएं। इससे पूरे कपड़ा क्षेत्र में स्थिरता आएगी और निर्यात ऑर्डर हासिल करने में मदद मिलेगी।

CITI ने भी फैसले को बताया जरूरी

सीआईटीआई ने कहा कि आयात शुल्क उद्योग की वृद्धि में बाधा बन रहा था। संगठन लंबे समय से इस शुल्क में राहत की मांग कर रहा था। CITI के चेयरमैन अश्विन चंद्रन ने कहा कि कपास का आयात मुख्य रूप से विशेष गुणवत्ता और निर्यात ऑर्डरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है। इससे घरेलू कपास उत्पादकों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि भारत को अपने एशियाई प्रतिस्पर्धी देशों की तरह ऐसी नीति की जरूरत है, जहां उद्योग को बिना अतिरिक्त शुल्क के अंतरराष्ट्रीय कपास उपलब्ध हो सके।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

निर्यात में आई थी गिरावट

भारत का कपड़ा और परिधान क्षेत्र देश में रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है और जीडीपी तथा निर्यात में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है। (Cotton Import Duty Exemption Latest Order) हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कपड़ा और परिधान निर्यात 2.2 प्रतिशत घटकर 35.79 अरब डॉलर रह गया। उद्योग को उम्मीद है कि कपास आयात शुल्क हटाने के इस फैसले से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और भारत की वैश्विक बाजार में स्थिति और मजबूत होगी।

इन्हें भी पढ़ें:

रक्षा सचिव ने सिंगापुर में ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ और नीदरलैंड के अधिकारियों से मुलाकात की

राबड़ी देवी ने अपना बंगला अन्य मंत्री को आवंटित किये जाने पर कहा, ‘मुझे बलपूर्वक हटाना होगा’

जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार हैं सशस्त्र बल : जनरल उपेंद्र द्विवेदी

पूरी तरह आत्मनिर्भर होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है भारत का रक्षा क्षेत्र : राजनाथ सिंह

कोरबा में 35 लाख रूपए की लागत से साल बीज प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की योजना

Q1. सरकार ने कपास आयात शुल्क पर क्या फैसला लिया है?

Ans: सरकार ने 1 जून से 31 अक्टूबर 2026 तक 11 प्रतिशत आयात शुल्क हटा दिया है।

Q2. इस फैसले से किसे सबसे अधिक फायदा होगा?

Ans: टेक्सटाइल, परिधान उद्योग और विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को लाभ होगा।

Q3. कपास आयात शुल्क हटाने का उद्देश्य क्या है?

Ans: उत्पादन लागत घटाना, निर्यात बढ़ाना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उद्योग को मजबूत बनाना।