नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) राज्यसभा में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी की सदस्य जया बच्चन ने विशेष देखभाल की जरूरत वाले बच्चों का मुद्दा उठाया और सरकार से मांग की कि देश में ऐसे बच्चों की संख्या को देखते हुए अनुकूल शिक्षा प्राप्त प्रशिक्षक तैयार किए जाएं।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए जया ने विशेष देखभाल की जरूरत वाले बच्चों के लिए प्रशिक्षित लोगों की कमी रेखांकित की। उन्होंने कहा कि देश में दिव्यांग बच्चों की संख्या लाखों में है और उन्हें समावेशी शिक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ता है क्योंकि उनके लिए अनुकूल शिक्षा प्राप्त प्रशिक्षक नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में सीखने में समस्या का सामना करने वाले 20 फीसदी छात्रों ने दसवीं कक्षा की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी।
जया ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार, देश में विशेष देखभाल की जरूरत वाले 18 से 20 बच्चों के लिए अनुकूल शिक्षा प्राप्त केवल एक प्रशिक्षक उपलब्ध है जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे 18 से 20 बच्चों के लिए अनुकूल शिक्षा प्राप्त पांच से छह प्रशिक्षकों की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों में ‘डिस्लेक्शिया’ की पहचान करने वाले अनुकूल शिक्षा प्राप्त प्रशिक्षकों की बेहद कमी है। ‘डिस्लेक्शिया’ में बच्चे को पढ़ने-लिखने में परेशानी होती है। ‘‘स्कूलों में करीब दस से पंद्रह फीसदी बच्चों को यह समस्या होती है और समय रहते इसका पता चलने पर इलाज हो सकता है। इलाज के बाद ऐसे बच्चे भविष्य में अपनी प्रतिभा से सफल करियर बनाते हैं और सामान्य जीवन जीते हैं।’’
जया ने मांग की कि देश में विशेष जरूरतों वाले बच्चों की संख्या को देखते हुए विशेष प्रशिक्षक तैयार किए जाएं ताकि ऐसे बच्चों का भविष्य बेहतर बन सके।
भाषा
मनीषा अविनाश
अविनाश