Govt Employees DA News | Photo Credit: IBC24
नई दिल्ली: Govt Employees DA News सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, महंगाई भत्ता पाने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को अधिकार के तौर पर साल में दो बार डीए के भुगतान का हक नहीं है।
Govt Employees DA अदालत ने कहा कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों को दिए जाने वाला एक लाभ है, लेकिन इसका भुगतान कब और कितनी बार किया जाएगा, यह पूरी तरह राज्य सरकार की नीति और वित्तीय स्थिति पर निर्भर करता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी नियम या कानून में अगर साल में दो बार डीए देने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, तो कर्मचारी इसे मौलिक या कानूनी अधिकार के रूप में दावा नहीं कर सकते।
“इसका कारण यह है कि RoPA नियमों में, जिनका हमने ऊपर ज़िक्र किया, कहीं भी यह नहीं कहा गया कि डीए का भुगतान साल में दो बार किया जाएगा या किया जा सकता है। जो कुछ भी नियमों में नहीं दिया गया, जो संबंधित समय अवधि के लिए ‘मौजूदा वेतन’ के वितरण को नियंत्रित करते हैं, उसे किसी भी पक्ष का अधिकार नहीं कहा जा सकता है। कर्मचारियों के साल में दो बार डीए के वितरण के अधिकार की वैध उम्मीद के सिद्धांत पर आधारित तर्क को खारिज करने की ज़रूरत है, जैसा कि पहले वितरित किया गया था, क्योंकि यह कानूनी पाठ से नहीं निकलता है।”
कोर्ट ने कहा कि राज्य के सरकारी कर्मचारी इस फैसले के अनुसार 2008-2019 की अवधि के मंहगाई भत्ते की बकाया राशि पाने के हकदार होंगे। हालांकि कोर्ट ने साथ ही कहा है कि कर्मचारी साल में दो बार डीए पाने के हकदार नहीं हैं।