देश ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बहादुरों को बिना किसी देरी के श्रद्धांजलि दी थी: रक्षा मंत्रालय
देश ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बहादुरों को बिना किसी देरी के श्रद्धांजलि दी थी: रक्षा मंत्रालय
नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) ऑपरेशन सिंदूर के छह शहीदों को लेकर जारी विवाद के बीच रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि राष्ट्र ने इन वीर जवानों को बिना किसी देरी के श्रद्धांजलि दी थी और उनकी स्मृति को हमेशा उस गरिमा एवं श्रद्धा के साथ सम्मानित किया जाएगा, जिसकी वे हकदार हैं।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इन वीर जवानों को ‘‘वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था’’ और यह उनके शौर्य तथा सर्वोच्च बलिदान की ‘‘औपचारिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता’’ थी।
रक्षा मंत्रालय का यह बयान कांग्रेस के उस आरोप के बाद आया है, जिसमें पार्टी ने कहा था कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह जवानों के बलिदान को एक वर्ष तक सार्वजनिक रूप से मान्यता नहीं दी।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार और शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से यह आरोप लगाया था। शुक्रवार को उन्होंने अपने पोस्ट में एक रिपोर्ट का लिंक भी साझा किया था।
मंत्रालय ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि मीडिया में कुछ खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट में यह गलत दावा किया गया कि इन छह शहीदों के बलिदान को पहली बार हाल में सार्वजनिक किया गया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 11 मई, 2025 को आयोजित आधिकारिक संवाददाता सम्मेलन में तत्कालीन सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) ने इन सैनिकों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके अलावा, 14 अगस्त, 2025 की आधिकारिक विज्ञप्ति में उन्हें वीरता पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई थी। सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों पर भी तत्काल श्रद्धांजलि दी गई थी।
मंत्रालय ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में शहीद पांच सैनिकों और एक वायुसेना कर्मी के नाम राष्ट्रीय समर स्मारक पर अंकित किए गए हैं।
भाषा
राखी नेत्रपाल
नेत्रपाल

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