अदालत ने सिद्दीकी की नई अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई 11 अप्रैल तक स्थगित की
अदालत ने सिद्दीकी की नई अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई 11 अप्रैल तक स्थगित की
नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने अल-फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी द्वारा दायर नई अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई सोमवार को 11 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी।
यह याचिका अल-फलाह विश्वविद्यालय में नामांकित छात्रों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले से संबंधित है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान इस नई जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जिसे दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक अप्रैल को अधीनस्थल अदालत को सौंप दिया था।
इससे पहले बुधवार को, दिल्ली उच्च न्यायालय ने निचली अदालत को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर नए सिरे से फैसला करने का निर्देश दिया, जिसमें सिद्दीकी को 7 मार्च को दी गई दो सप्ताह की अंतरिम जमानत को चुनौती दी गई थी।
उच्च न्यायालय ने कहा कि यह राहत उनकी पत्नी के कीमोथेरेपी सत्र को ध्यान में रखते हुए दी गई थी और रिहाई की अवधि समाप्त हो चुकी है।
अदालत ने सात मार्च को ‘‘अत्यावश्यक चिकित्सा और मानवीय’’ आधार पर अंतरिम जमानत दी थी, जिसमें सिद्दीकी की पत्नी के चौथे चरण के कैंसर के उपचार के लिए 12 मार्च को निर्धारित कीमोथेरेपी सत्र को ध्यान में रखा गया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अधीनस्थ अदालत को सिद्दीकी की पत्नी के नए मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर मामले का फैसला करने का निर्देश दिया, क्योंकि रिहाई की अवधि समाप्त हो चुकी थी और कीमोथेरेपी की निर्धारित तिथि भी बीत चुकी थी।
अदालत ने ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया है।
नवंबर 2025 में, ईडी ने सिद्दीकी को पीएमएलए मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें उनके अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों में नामांकित छात्रों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन के आरोप थे।
संघीय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि विश्वविद्यालय ने 2018 और 2025 के बीच 415.10 करोड़ रुपये जुटाए और छात्रों के फंड का निजी इस्तेमाल किया।
गत 24 मार्च को, ईडी ने सिद्दीकी को एक अन्य धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया। उनकी जांच में पता चला कि फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उनका इस्तेमाल फर्जी तरीके से जमीन हथियाने के लिए किया गया। तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन के निदेशक और बहुसंख्यक शेयरधारक सिद्दीकी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर इस जालसाजी को अंजाम दिया।
ईडी के अनुसार, राजधानी के मदनपुर खादर गांव में स्थित विवादित 1.14 एकड़ जमीन की कीमत 45 करोड़ रुपये है, जबकि दस्तावेजों में इसकी कीमत मात्र 75 लाख रुपये दर्ज है।
गत 5 फरवरी को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सिद्दीकी को उनके निजी विश्वविद्यालय में अनियमितताओं से जुड़े कथित जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया।
यह मामला दो प्राथमिकियों से जुड़ा है, जिनमें अल फलाह विश्वविद्यालय पर छात्रों को गुमराह करने के लिए एनएएसी मान्यता और यूजीसी मान्यता का झूठा दावा करने का आरोप लगाया गया है।
पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए विस्फोट में 15 लोगों की मौत से जुड़े ‘सफेदपोश आतंकवाद’ मामले में भी विश्वविद्यालय जांच के घेरे में है।
भाषा वैभव नरेश
नरेश

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