नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को रेलवे से उस याचिका पर अपना रुख बताने को कहा, जिसमें गर्भवती महिलाओं को ऑनलाइन बुकिंग के दौरान भी निचली सीट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
अदालत ने कहा कि उसे उम्मीद है कि प्राधिकार गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षण संबंधी नीति का आईआरसीटीसी प्लेटफॉर्म पर भी पालन करेंगे।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि रेलवे की मौजूदा आरक्षण नीति में भले ही गर्भवती महिलाओं को निचली सीट के लिए प्राथमिकता देने का प्रावधान है, लेकिन आईआरसीटीसी प्लेटफॉर्म पर ऐसा कोई विकल्प नहीं है, जिससे गर्भवती महिलाएं इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
पीठ ने कहा, “आईआरसीटीसी रेलवे के एजेंट के रूप में काम करता हुआ प्रतीत होता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना रेलवे का दायित्व है कि उसकी नीति का पालन किया जाए। हमें उम्मीद है कि प्रतिवादी संख्या 1 और 2 (केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड) यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे कि इस नीति का पालन हो और प्रतिवादी संख्या 3 (आईआरसीटीसी) को उचित निर्देश जारी किए जाएं।”
पीठ ने अनुनय सहाय की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। उसने संबंधित प्राधिकारों को नोटिस भी जारी किए और मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर के लिए निर्धारित की।
भाषा पारुल माधव
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