अदालत ने पॉक्सो मामले में आठ दिन के भीतर सुनवाई पूरी की, दोषी को सुनाई उम्रकैद की सजा
अदालत ने पॉक्सो मामले में आठ दिन के भीतर सुनवाई पूरी की, दोषी को सुनाई उम्रकैद की सजा
नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने नाबालिग के यौन उत्पीड़न के मामले में आठ दिनों में सुनवाई पूरी कर ली और 38-वर्षीय दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, इस साल 17 अप्रैल को जब प्राथमिकी दर्ज की गई थी तब लड़की 32 सप्ताह की गर्भवती थी। उसने आरोप लगाया कि उसके पड़ोसी ने जुलाई 2025 में कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया था।
पुलिस ने बताया कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बाद के बाद 34 दिनों के भीतर अदालत में आरोप-पत्र दाखिल कर दिया गया, अदालत ने आठ दिनों में सुनवाई पूरी की, 29 मई को आरोपी को दोषी ठहराया और 30 मई को दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई तथा 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी का घर उसके घर के ठीक सामने था और वह परिवार का परिचित था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता का आरोप था कि पहले उसके भाई-बहनों को पास की दुकान पर भेजा गया, जिसके बाद उसपर यौन-हमला किया गया तथा उसे घटना के बारे में किसी को बताने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। मामला तब सामने आया जब पीड़िता गर्भवती पाई गई और उसने अपनी मां को यौन उत्पीड़न के बारे में बताया।
नाबालिग ने 17 अप्रैल को अपने माता-पिता के साथ पुलिस से शिकायत की।
पीड़िता के बयान के आधार पर उसी दिन बाहरी दिल्ली के निहाल विहार थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, अदालत ने स्पष्ट किया है कि आजीवन कारावास के तहत दोषी को उसके शेष जीवनकाल तक जेल में रहना होगा। पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़ित के लिए 16.5 लाख रुपये का मुआवजा भी स्वीकृत किया गया है।
भाषा नोमान
नोमान सुरेश
सुरेश

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