जालंधर (पंजाब), 15 जनवरी (भाषा) एक स्थानीय अदालत ने बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी के एक ‘छेड़छाड़ किए गए’ वीडियो को सोशल मीडिया मंचों से तत्काल हटाने का आदेश दिया, जिसमें उन्हें नौवें सिख गुरु तेग बहादुर के बारे में कथित तौर पर विवादास्पद टिप्पणी करते हुए दिखाया गया था।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरप्रीत कौर ने अपने आदेश में टिप्पणी की, ‘आवेदक/अभियोजन पक्ष का यह स्पष्ट मामला है कि इस वीडियो के आगे प्रसार से सामाजिक वैर पैदा हो सकता है और सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है, जिससे शांति और सार्वजनिक व्यवस्था भंग हो सकती है।’
आदेश में कहा गया, ‘इसलिए, सार्वजनिक शांति और सद्भाव की रक्षा के लिए इस वीडियो और इसकी प्रतियों को तत्काल हटाना और इसके साथ-साथ इसे दोबारा अपलोड करने और इसके व्युत्पन्न संस्करणों को रोकना आवश्यक है।’
इसमें कहा गया है कि फोरेंसिक रिपोर्ट से यह स्थापित होता है कि ‘उपशीर्षक वाला वीडियो ‘छेड़छाड़ किया हुआ’ है और उपशीर्षक के साथ वीडियो क्लिप की जांच से पता चलता है कि वीडियो क्लिप में मौजूद सामग्री सार्वजनिक शांति भंग कर सकती है, इसलिए आवेदन स्वीकार किया जाता है।’
जालंधर पुलिस ने कथित सामग्री के ‘यूआरएल’ को ब्लॉक करने के निर्देश हेतु आवेदन दिया था।
पुलिस ने पिछले सप्ताह दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी का ‘छेड़छाड़ किया हुआ’ वीडियो अपलोड करने और प्रसारित करने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की थी।
यह प्राथमिकी इकबाल सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ और मेटा पर कुछ विशिष्ट हैंडल और अकाउंट वाले उपयोगकर्ताओं द्वारा ‘परेशान करने वाले और दुर्भावनापूर्ण कैप्शन’ के साथ एक वीडियो के प्रसार का उल्लेख किया था।
जालंधर पुलिस ने दावा किया कि वीडियो में मौजूद सामग्री और उपशीर्षक ‘छेड़छाड़’ किए गए हैं और अदालत से कहा कि उक्त पोस्ट पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ सकते हैं और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित कर सकते हैं।
अदालत ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2021 के नियम 3(डी) का हवाला देते हुए मेटा मंच (इंस्टाग्राम और फेसबुक), एक्स और टेलीग्राम को विशिष्ट यूआरएल से संबंधित सामग्री को हटाने का निर्देश दिया।
आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल और किसी भी स्थिति में आदेश पारित होने के 24 घंटों के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया है।
आतिशी की कथित टिप्पणियों से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था और भाजपा ने आरोप लगाया था कि दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता ने गुरु तेग बहादुर का अपमान किया है।
भाषा राखी अविनाश
अविनाश