Reported By: Vivek Pataiya
,MP Govt Employee Protest News/Image Source: IBC24
MP Govt Employee Protest: वैसे तो कोई भी सरकार कर्मचारियों को नाराज़ नहीं करना चाहती, लेकिन मध्यप्रदेश में नए साल की शुरुआत के साथ ही कर्मचारियों का आक्रोश सामने आने लगा है। अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकारी कर्मचारी आंदोलन के रास्ते पर उतर आए हैं। राजधानी भोपाल से लेकर जिला मुख्यालयों तक कर्मचारियों ने हल्ला बोला और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारी एक बार फिर आंदोलित हैं। उनका सब्र अब टूट चुका है। यही वजह है कि वर्षों से लंबित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी अब आर–पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।
भोपाल में सतपुड़ा भवन के बाहर तृतीय वर्ग कर्मचारियों के प्रदर्शन में यह साफ दिखाई दिया। सिर्फ राजधानी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के हर जिला मुख्यालय में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकारों की लड़ाई की शुरुआत है।
MP Govt Employee Protest: सरकारी कर्मचारियों का यह आंदोलन और दबाव कितना असर डालेगा, यह तो वक्त बताएगा। लेकिन फिलहाल कर्मचारियों के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस भी आमने-सामने नजर आ रही हैं और दोनों दल अपने-अपने राजनीतिक हित साधने में जुटे हुए हैं।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप से इतर कर्मचारियों ने दो टूक ऐलान कर दिया है कि यह आंदोलन सिर्फ एक दिन की कहानी नहीं है। अगर जल्द ही उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज होगा और आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जाहिर है, यदि यह संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर सरकारी कामकाज पर भी पड़ेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि सरकार इस आंदोलन को कैसे मैनेज करती है।