दुबई, 15 जनवरी (एपी) ईरान की इस्लामिक सत्ता को चुनौती देने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन बृहस्पतिवार को धीरे-धीरे शांत होते नजर आए।
एक सप्ताह पहले ही अधिकारियों ने देश को दुनिया से अलग-थलग कर दिया था और अपनी दमनकारी कार्रवाई को तेज किया था।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस दमनकारी कार्रवाई में कम से कम 2,615 लोग मारे गए।
प्रदर्शनकारियों की हत्याओं के बदले अमेरिका की जवाबी कार्रवाई की आशंका अब भी क्षेत्र में बनी हुई है। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तनाव कम होने के संकेत दिए।
इस बीच, अमेरिका ने उन ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए, जिन पर पिछले महीने के अंत में देश की खराब होती अर्थव्यवस्था और मुद्रा के गिरने के खिलाफ हुए प्रदर्शन दबाने का आरोप है।
‘ग्रुप ऑफ सेवन’ (जी-7) औद्योगिक लोकतांत्रिक देशों और यूरोपीय संघ ने कहा है कि वे ईरान की इस्लामिक सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए नए प्रतिबंधों पर विचार कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अमेरिका के अनुरोध पर ईरान के बारे में बृहस्पतिवार दोपहर आपात बैठक बुलाई।
ईरान की राजधानी तेहरान में प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिछले एक-दो दिन से सुबह के समय रात के दौरान जलाई गई आग के कोई निशान या सड़कों पर किसी प्रकार का कोई मलबा नहीं दिखा।
इस बीच, ईरान के सरकारी मीडिया ने अधिकारियों द्वारा एक के बाद एक की जा रही गिरफ्तारियों की घोषणा की।
मीडिया के मुताबिक, इन गिरफ्तारियों के जरिये उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें वे (ईरानी अधिकारी) ‘आतंकवादी’ कहते है और साथ ही वे स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट डिश की भी तलाश कर रहे हैं, जो फिलहाल वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर डालने का एकमात्र जरिया है।
न्यायपालिका की मिजान समाचार एजेंसी की बुधवार की खबर के अनुसार, न्याय मंत्री अमीन हुसैन रहीमी ने कहा, “आठ जनवरी से हमने एक पूर्ण युद्ध देखा है और तब से उसमें शामिल हर कोई अपराधी है।”
इस्लामिक गणराज्य ने बृहस्पतिवार तड़के बिना किसी स्पष्टीकरण के कई घंटों तक अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और ऐसा उसने पहले भी इजराइल के साथ हुए हमलों के दौरान और जून में चले 12 दिनों के युद्ध के दौरान किया था।
एपी यासिर खारी
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