I-PAC office ED raid case, image source: ibc24
कोलकाता: , बीते दिनों कोलकाता के I-PAC दफ्तर में ED रेड का मामला अब माननीय सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तक पहुंच चुका है… (I-PAC office ED raid case ) ED ने ममता बनर्जी सरकार और बंगाल पुलिस पर जांच में दखल देने के गंभीर आरोप लगाए हैं….जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में ED अधिकारियों पर दर्ज सभी FIR पर फिलहाल रोक लगाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है..पूरी रिपोर्ट
कोलकाता स्थित I-PAC दफ्तर में हुई प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी अब संवैधानिक टकराव का रूप लेती दिख रही है.. (I-PAC office ED raid case ED) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि ..पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य पुलिस ने जांच में सीधा हस्तक्षेप किया..सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश देते हुए ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी.. जस्टिस पीके मिश्रा की बेंच ने कहा कि.. किसी भी एजेंसी की जांच में दखल नहीं दिया जा सकता..
ED का आरोप है कि ..छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंचीं और जांच अधिकारियों के काम में बाधा डाली.. (I-PAC office ED raid case ED) एजेंसी ने पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा को निलंबित करने की मांग भी की है..वहीं, कोर्ट में ममता बनर्जी का पक्ष रख रहे कपिल सिब्बल ने कहा कि..I-PAC दफ्तर में चुनाव से जुड़े दस्तावेज थे.. ED जांच से संबंधित वहां कुछ भी नहीं था..मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिहाज से DGP का साथ होना पूरी तरह जायज है..वहीं, मामले पर भाजपा ने ममता पर निशाना साधा..
सुप्रीम कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया है कि ..I-PAC दफ्तर की CCTV फुटेज और सर्च की रिकॉर्डिंग से जुड़े सभी स्टोरेज डिवाइस सुरक्षित रखे जाएं.. अदालत ने कहा कि.. (I-PAC office ED raid case ED) ये मामला सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे संघीय ढांचे और कानून व्यवस्था पर असर पड़ सकता है..अब सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले में संवैधानिक सीमाओं, केंद्र और राज्य के अधिकारों और कानून के राज पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है.. अगली सुनवाई में बंगाल सरकार के जवाब के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले की दिशा तय होगी..