न्यायालय ने श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का विशेष ऑडिट पूरा करने की समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ाई

न्यायालय ने श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का विशेष ऑडिट पूरा करने की समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ाई

न्यायालय ने श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का विशेष ऑडिट पूरा करने की समयसीमा 31 अगस्त तक बढ़ाई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:22 pm IST
Published Date: July 18, 2022 9:57 pm IST

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने ऐतिहासिक श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की विशेष ऑडिटिंग प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा सोमवार को बढ़ाकर 31 अगस्त 2022 तक कर दी, जो 30 जून 2022 को समाप्त हो गई थी।

न्यायमूर्ति यू यू ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने विशेष ऑडिट को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय का आग्रह करने वाली मंदिर की प्रशासनिक और सलाहकार समिति की याचिका पर यह अवधि बढ़ा दी।

शीर्ष अदालत ने 13 जुलाई 2020 को कहा था कि त्रावणकोर के पूर्ववर्ती राजपरिवार का केरल के ऐतिहासिक श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर पर प्रबंधन का अधिकार है।

शीर्ष अदालत ने केरल उच्च न्यायालय के 2011 के फैसले को खारिज करते हुए अंतिम शासक श्री चिथिरा थिरुनल बलराम वर्मा के छोटे भाई उथरादम थिरुनल मार्तंड वर्मा के कानूनी वारिसों की अपील को स्वीकार कर लिया था।

उच्च न्यायालय ने मंदिर के प्रबंधन और संपत्ति पर नियंत्रण करने के लिए राज्य सरकार को एक ट्रस्ट स्थापित करने का निर्देश दिया था।

वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद ऐतिहासिक मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को लेकर लगभग एक दशक से शीर्ष अदालत में विवाद चल रहा था।

यह मंदिर के मामलों के प्रबंधन के लिए समिति बनाए जाने के लिए उथरादम थिरुनल मार्तंड वर्मा के कानूनी वारिसों के प्रस्तावों पर सहमत हो गया था।

इसने कहा था कि ऑडिट प्रतिष्ठित चार्टर्ड एकाउंटेंट की एक फर्म द्वारा किया जाएगा तथा सलाहकार समिति इस बात पर भी विचार करेगी कि मंदिर की चल एवं अचल संपत्तियों के संरक्षण के लिए और क्या कदम उठाने की आवश्यकता है।

भाषा

नेत्रपाल दिलीप

दिलीप


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