नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को यूनीटेक लिमिटेड के पूर्व प्रवर्तक संजय चंद्रा को उनके ससुर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत प्रदान की। चंद्रा के ससुर का पिछले सप्ताह निधन हो गया था।
न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने अंतरिम जमानत की चंद्रा की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 15 दिन की राहत दे रही है।
पीठ ने कुछ और समय देने की वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे की दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा कि चंद्रा को उन हालात को समझना चाहिए जिनमें अदालत ने पहले अंतरिम जमानत रद्द कर दी थी।
शीर्ष अदालत ने पिछले साल 14 अगस्त को चंद्रा की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इससे एक महीने पहले ही उसे मानवीयता के आधार पर 30 दिन की अंतरिम जमानत दी गयी थी क्योंकि उसके माता-पिता कोविड-19 से ग्रस्त पाये गये थे।
शीर्ष अदालत ने चंद्रा के भाई अजय चंद्रा की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी थी जो अगस्त 2017 से जेल में है।
संजय और अजय दोनों पर कथित रूप से घर खरीदारों के पैसों का गबन करने का आरोप है।
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वैभव अनूप
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