धर्मशाला, 30 जून (भाषा) हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में नारघोटा के निकट सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले अक्षय कोडा के परिवार ने मुख्यमंत्री से न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।
अक्षय की गाड़ी 24 जून की रात लगभग 400 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, अक्षय के साथ मौजूद महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और चिकित्सकों को उसका एक हाथ काटना पड़ा।
परिवार वालों ने आरोप लगाया कि यह हादसा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और जिला प्रशासन की लापरवाही का नतीजा था। उन्होंने कहा कि अगर सड़क ठीक हालत में होती, तो उनका बेटा आज जिंदा होता।
धर्मशाला में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान परिवार वालों ने पीडब्ल्यूडी और प्रशासन को इस बात के लिए जिम्मेदार ठहराया कि स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायतों के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं की गई।
परिवार की अपील पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जांच के आदेश दिए और उन्हें भरोसा दिलाया कि जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके ख़िलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क पिछले करीब दो वर्ष से जर्जर हालत में थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
उनका कहना है कि घातक हादसे के बाद ही लोक निर्माण विभाग हरकत में आया और अगले ही दिन क्षतिग्रस्त सड़क पर चेतावनी बोर्ड लगाए तथा सड़क किनारे पत्थर रखे।
इस घटना के बाद लोगों में व्यापक आक्रोश है।
स्थानीय निवासियों ने पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय करने की मांग की है।
अक्षय कोडा सेना के जवानों को शेयर बाजार में निवेश संबंधी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण देते थे। उनके असामयिक निधन से न केवल उनके परिवार और मित्रगण, बल्कि उनसे जुड़े सेना के कई जवान भी सदमे में हैं। कई जवानों ने भी मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग का समर्थन किया है।
न्याय दिलाने के संकल्प के साथ अक्षय के परिवार ने कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती और कथित लापरवाही के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
परिजनों ने सरकार से मांग की कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के रखरखाव को प्राथमिकता दी जाए।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश