ओडिशा : जीआरपी कांस्टेबल की पीट पीटकर हत्या के मामले में एक और आरोपी पकड़ा गया

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ओडिशा : जीआरपी कांस्टेबल की पीट पीटकर हत्या के मामले में एक और आरोपी पकड़ा गया

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 08:09 PM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 08:09 PM IST

भुवनेश्वर, 29 जून (भाषा) ओडिशा में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक कांस्टेबल की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किये जाने के मामले में सोमवार को एक और आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि इसी के साथ अबतक मामले में कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में बलियान्ता पुलिस थाना क्षेत्र के भिंगारपुर-काजा इलाके में सात मई को जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन को भीड़ ने कथित तौर पर एक खंभे से बांध दिया था और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी थी।

पुलिस ने बताया कि यह घटना तब हुई जब एक महिला ने आरोप लगाया कि उसकी दो-पहिया गाड़ी और स्वैन की मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद कांस्टेबल ने उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की।

उसने बताया कि जांच के दौरान मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर, अपराध शाखा सोमवार अपराह्न भुवनेश्वर के मंचेश्वर पुलिस थाना क्षेत्र के कलारहंगा गांव के रहने वाले रबी उर्फ ​​सुभाष भोई (54) को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने बताया कि भोई की पहचान वीडियो फुटेज से की गई।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘अब तक इस मामले में कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिशें की जा रही हैं।

अधिकारी ने बताया कि सीआईडी-अपराध शाखा इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि मामले में पहचाने गए छह आरोपी अब भी फरार हैं।

ओडिशा सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी दयाल गंगवार को निलंबित कर दिया है। उनपर स्वैन सहित आठ जीआरपी कांस्टेबल से घरेलू सहायक के तौर पर काम कराने का आरोप है।

स्वैन के परिवार ने आरोप लगाया था कि आईपीएस अधिकारी ने उसे परेशान किया था और मौत से पहले वह तनाव में था।

राज्य सरकार ने चार अन्य पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया है। उन पर घटनास्थल पर मौजूद रहने के बावजूद स्वैन की जान बचाने में विफल रहने का आरोप है। इस घटना के बाद बलियान्ता पुलिस थाना के प्रभारी निरीक्षक का भी तबादला कर दिया गया।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक टीम ने इस घटना की मौके पर जाकर जांच की थी।

भाषा धीरज माधव

माधव