न्यायालय ने 2024 पुणे पोर्श दुर्घटना मामले में डॉक्टर को जमानत दी

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न्यायालय ने 2024 पुणे पोर्श दुर्घटना मामले में डॉक्टर को जमानत दी

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  • Publish Date - February 27, 2026 / 07:38 PM IST,
    Updated On - February 27, 2026 / 07:38 PM IST

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उस डॉक्टर को जमानत दे दी, जिसे पुणे में पोर्श कार से एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारने और दो व्यक्तियों की हत्या करने के आरोप में पकड़े गए 17 वर्षीय लड़के के खून के नमूनों में छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार गया था।

यह घटना 19 मई, 2024 की है, जब 17 वर्षीय लड़के ने कथित तौर पर शराब के नशे में पोर्श कार चलाते हुए पुणे के कल्याणी नगर क्षेत्र में दो आईटी पेशेवरों को टक्कर मार दी थी।

न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और उज्ज्ल भुइयां की पीठ ने समानता के आधार पर ससून जनरल अस्पताल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय तावड़े को राहत प्रदान की।

अदालत ने दो फरवरी को इस मामले में तीन आरोपियों को जमानत दे दी थी, साथ ही यह भी कहा कि नाबालिगों से जुड़ी ऐसी घटनाओं के लिए माता-पिता ही जिम्मेदार हैं, क्योंकि उनका अपने बच्चों पर कोई नियंत्रण नहीं होता है।

यह देखते हुए कि आरोपी – अमर संतिश गायकवाड़ (एक कथित बिचौलिए), आदित्य अविनाश सूद और आशीष सतीश मित्तल (कार में सवार दो अन्य नाबालिगों के माता-पिता) – 18 महीने से हिरासत में थे, पीठ ने उन्हें जमानत दे दी थी।

उच्चतम न्यायालय ने 23 जनवरी को इस मामले में जमानत की मांग करते हुए गायकवाड़ द्वारा दायर याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा।

इससे पहले सात जनवरी को, उच्चतम न्यायालय ने दो अन्य आरोपियों द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा था।

सूद (52) और मित्तल (37) को पिछले साल 19 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि उनके रक्त के नमूनों का इस्तेमाल दुर्घटना के समय 17 वर्षीय मुख्य आरोपी के साथ कार में मौजूद दो नाबालिगों के संबंध में परीक्षण के लिए किया गया था।

मुंबई उच्च न्यायालय ने पिछले साल 16 दिसंबर को इस मामले में गायकवाड़, सूद और मित्तल समेत आठ आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

भाषा

प्रशांत दिलीप

दिलीप