कोच्चि, 22 सितंबर (भाषा) केरलम उच्च न्यायालय ने एक निजी मलयालम समाचार चैनल के प्रबंध निदेशक एंटो ऑगस्टीन को आबकारी कानून के तहत दर्ज एक मामले में मंगलवार को जमानत दे दी।
यह मामला वायनाड स्थित उनके पैतृक घर से अनुमेय सीमा से अधिक शराब की बोतलें बरामद होने से जुड़ा है।
न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ ने ऑगस्टीन को राहत देते हुए कहा कि वर्तमान में या अतीत में भारत निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) से जुड़े ऐसे किसी अन्य मामले में वह आरोपी नहीं रहे हैं। ऑगस्टीन रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (आरबीसी) के प्रबंध निदेशक हैं।
न्यायमूर्ति एडप्पागथ ने कहा कि वह आईएमएफएल से जुड़े सभी मामलों में जमानत देते रहे हैं, जब तक कि आरोपी के खिलाफ एक से अधिक मामले न हों या उसके खिलाफ इसी तरह के अपराध करने का कोई पुराना रिकॉर्ड न हो।
उच्च न्यायालय ने कहा कि ऑगस्टीन के खिलाफ यह इस तरह का पहला मामला है, इसलिए उन्हें राहत दी जा सकती है।
अदालत ने अभियोजन महानिदेशक (डीजीपी) टी. आसफ अली की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि आरबीसी के प्रबंध निदेशक ‘‘धनी और रसूखदार व्यक्ति’’ हैं। अदालत ने कहा कि ‘‘इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।’’
अली ने अदालत को यह भी बताया कि ऑगस्टीन पुलिस के सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं और जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
उच्च न्यायालय ने कहा कि आरोपी को पुलिस के सभी सवालों का जवाब देना जरूरी नहीं है। अदालत ने कहा कि उन पर ऐसी शर्तें लगाई जा सकती हैं, जिनके तहत उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष पेश होना होगा और जांच में सहयोग करना होगा।
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरबीसी के प्रबंध निदेशक को एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में दिया गया था और शराब की बरामदगी भी हो चुकी है।
कंपनी द्वारा प्रायोजित एक असफल फुटबॉल आयोजन में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को ऑगस्टीन के पैतृक घर में शराब की बोतलें मिलने के बाद उन्हें 17 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
एसआईटी ने जब्त शराब को आबकारी विभाग को सौंप दिया था। इसके बाद आबकारी विभाग ने एक मामला दर्ज करके ऑगस्टीन को गिरफ्तार किया।
सतर्कता अदालत ने गत शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
भाषा गोला अमित
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