चंडीगढ़, 22 सितंबर (भाषा) पंजाब पुलिस ने मंगलवार को कहा कि पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर जाते या वहां से लौटते समय वर्दी न पहनने के लिए कोई परामर्श जारी नहीं किया गया है और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा कथित परामर्श फर्जी है।
यह स्पष्टीकरण सोशल मीडिया पर एक परामर्श सामने आने के बाद आया। कई विपक्षी नेताओं ने भी दावा किया था कि पंजाब पुलिस ने अपने कर्मियों को थाने पहुंचने के बाद ही वर्दी पहनने की सलाह दी है।
उन्होंने एक अपुष्ट ऑडियो क्लिप भी साझा की, जिसमें एक महिला को पुलिसकर्मियों से थाने आते समय सादे कपड़े पहनने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है।
इस कथित ऑडियो क्लिप में अमृतसर में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) हरजीत सिंह की हाल में हुई हत्या का भी जिक्र सुनाई देता है।
हालांकि, राज्य पुलिस ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस मुख्यालय या उसके अधीन किसी अन्य पंजाब पुलिस कार्यालय ने ऐसा कोई परामर्श जारी नहीं किया है।
पुलिस ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऐसे संदेश फर्जी हैं और उन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए। पुलिस ने नागरिकों और अपने कर्मियों से प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की अपील की।
विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किए गए कथित परामर्श पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हर समय झूठ बोलते हैं। चीमा ने कहा कि ऐसा कोई परामर्श जारी नहीं किया गया है।
चीमा ने कहा, ‘‘भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस झूठ बोल रही हैं। इन दलों के पास आज कोई एजेंडा नहीं है। वे हर बार एक झूठा एजेंडा सामने लाते हैं और उसे फैलाने के लिए मीडिया के साथ साझा करते हैं।’’ उन्होंने इसे विपक्ष का एक दुष्प्रचार बताया।
उन्होंने विपक्षी नेताओं से अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की गई ‘‘झूठी’’ जानकारी हटाने और ‘‘पंजाब पुलिस को बदनाम करने’’ की कोशिश बंद करने को कहा।
जब उनसे इस मामले में किसी कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले कई विपक्षी नेताओं ने कथित परामर्श को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की थी और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की थी।
शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया, ‘‘पंजाब पुलिस, जो कभी आतंकवाद का खात्मा करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जानी जाती थी, भगवंत मान के नेतृत्व में कथित तौर पर असहाय बना दी गई है।’’
मजीठिया ने ‘एक्स’ पर दावा किया कि अधिकारियों से थानों में पहुंचने के बाद ही वर्दी पहनने को कहा गया है, जबकि वायरल ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि पुलिस गैंगस्टर के सामने असहाय है।
उन्होंने कहा, ‘‘बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर पंजाबियों में डर व्याप्त है। अगर भगवंत मान पंजाब को संभाल नहीं सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि यह ऐसे गृह मंत्री के होने का ‘‘चिंताजनक परिणाम’’ है, जो पंजाबियों की सुरक्षा और पंजाब पुलिस के मनोबल को सुनिश्चित करने के बजाय ‘‘विपक्ष पर तंज कसने, राजनीतिक दिखावा करने में’’ में अधिक रुचि रखते दिखाई देते हैं।
बाजवा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल किया, ‘‘जब पुलिसकर्मियों से ही यात्रा के दौरान अपनी पहचान छिपाने के लिए कहा जा रहा है, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान से यह पूछने का समय आ गया है कि पंजाब की कानून-व्यवस्था की असली जिम्मेदारी किसके हाथ में है?’’
भाषा गोला अमित
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