अदालत ने दिल्ली में अवैध कुत्ता प्रजनन के आरोपों पर पशु कल्याण बोर्ड से रिपोर्ट मांगी

अदालत ने दिल्ली में अवैध कुत्ता प्रजनन के आरोपों पर पशु कल्याण बोर्ड से रिपोर्ट मांगी

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  • Publish Date - January 7, 2026 / 08:11 PM IST,
    Updated On - January 7, 2026 / 08:11 PM IST

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी के पशु कल्याण बोर्ड को बुधवार को निर्देश दिया कि वह एक जनहित याचिका में उठाए गए ‘‘शुद्ध नस्ल वाले कुत्तों के कथित बड़े पैमाने पर अवैध प्रजनन’’ के मुद्दे से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण देते हुए एक नवीनतम रिपोर्ट दाखिल करे।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने दिल्ली नगर निगम और पुलिस को भी प्रतिवादी बनाया तथा उनसे भी इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा।

अदालत राष्ट्रीय राजधानी में ‘शुद्ध नस्ल वाले कुत्तों के बेरोक-टोक अवैध प्रजनन’ का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

वर्ष 2018 में दायर याचिका में दावा किया गया था कि इस तरह की प्रजनन प्रथाओं से आवारा कुत्तों की आबादी में भी वृद्धि होती है, क्योंकि कुत्तों को बिना नसबंदी के बेचा जाता है।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि याचिका लंबे समय से लंबित है और अब तक इसका निपटारा हो जाना चाहिए था।

पीठ ने दिल्ली पशु कल्याण बोर्ड (डीएडब्ल्यूबी) को इन गड़बड़ियों को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों पर एक व्यापक और अद्यतन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश