न्यायालय ने वकील के आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट का संज्ञान लिया, लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी

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न्यायालय ने वकील के आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट का संज्ञान लिया, लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 08:10 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 08:10 PM IST

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बार एसोसिएशन में महिलाओं के आरक्षण को लेकर एक वकील द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट पर बृहस्पतिवार को कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वतः संज्ञान आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू की और अधिवक्ता से पूछा कि उनका वकालत लाइसेंस रद्द क्यों न किया जाए।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने रोहिणी जिला न्यायालय में वकालत करने वाले वकील विभास कुमार झा को उनके फेसबुक पोस्ट का संज्ञान लेते हुए ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया।

अब हटाए जा चुके पोस्ट में झा ने महिलाओं, कुछ अनुसूचित जातियों और देश भर की राज्य विधिज्ञ परिषदों तथा बार एसोसिएशन में महिला अधिवक्ताओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने वाले शीर्ष अदालत के आदेश के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

प्रधान न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को झा से पूछा कि उनका वकालत लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें वकील के रूप में काम करने से क्यों नहीं रोका जाना चाहिए।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘‘यदि वकील की ओर से सहयोग न मिले तो उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किए जाएं। अगली सुनवाई में उन्हें अपनी कानून की डिग्री भी रिकॉर्ड पर रखनी होगी।’’

भाषा

नेत्रपाल संतोष

संतोष