```php न्यायालय ने व्यभिचार के आरोपी पति की निजता के अधिकार की दलील खारिज करने का फैसला बरकरार रखा | न्यायालय ने व्यभिचार के आरोपी पति की निजता के अधिकार की दलील खारिज करने का फैसला बरकरार रखा |

न्यायालय ने व्यभिचार के आरोपी पति की निजता के अधिकार की दलील खारिज करने का फैसला बरकरार रखा

Ads

न्यायालय ने व्यभिचार के आरोपी पति की निजता के अधिकार की दलील खारिज करने का फैसला बरकरार रखा

  •  
  • Publish Date - July 4, 2026 / 04:13 PM IST,
    Updated On - July 4, 2026 / 04:13 PM IST

नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया था कि पत्नी अपने पति पर लगाए गए व्यभिचार के आरोप को साबित करने के लिए उसके फोन कॉल विवरण रिकॉर्ड (सीडीआर) और होटल की बुकिंग संबंधी जानकारी जैसे साक्ष्य जुटाने में अदालत की सहायता मांग सकती है।

न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने एक व्यक्ति द्वारा उच्च न्यायालय के 10 मई 2023 के आदेश के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी।

पीठ ने बृहस्पतिवार को अपील खारिज करते हुए कहा, ‘‘पक्षकारों के विद्वान अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद इस अदालत का विचार है कि विवादित फैसले में हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।’’

उच्च न्यायालय ने 10 मई 2023 को कहा था कि कानून व्यभिचार को तलाक का आधार मानता है और ऐसे में निजता के अधिकार के आधार पर उस विवाहित व्यक्ति की मदद करना जनहित में नहीं होगा, जिस पर विवाह के दौरान विवाहेतर यौन संबंध रखने का आरोप है।

उच्च न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का उल्लेख किया था जिसमें कहा गया था कि निजता का अधिकार संविधान द्वारा संरक्षित है, लेकिन यह पूर्ण अधिकार नहीं है और विशेष रूप से, जनहित में इस पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

उच्च न्यायालय ने एक परिवार अदालत के 14 दिसंबर 2022 के आदेश को चुनौती देने वाली व्यक्ति की याचिका खारिज करते हुए ये टिप्पणियां की थीं।

परिवार अदालत ने एक होटल को पिछले वर्ष 29 अप्रैल से एक मई के बीच एक विशेष कमरे की बुकिंग, भुगतान संबंधी विवरण और पहचान पत्रों से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने तथा उन्हें सीलबंद लिफाफे में अदालत को भेजने का निर्देश दिया था।

पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसके पति के किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध हैं और उस संबंध से उसकी एक बेटी भी है।

पत्नी ने परिवार अदालत के समक्ष यह भी आरोप लगाया था कि उसका पति और महिला एक होटल में ठहरे थे। महिला ने तर्क दिया कि अपने दावे को साबित करने के लिए होटल और कॉल डिटेल रिकॉर्ड आवश्यक हैं।

भाषा सिम्मी दिलीप

दिलीप