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चेन्नई, चार जुलाई (भाषा) तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष मणिक्कम टैगोर ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित मानहानिकारक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के विधायक अनीता आर. राधाकृष्णन की आलोचना करते हुए कहा कि पूर्व मंत्री ने राजनीतिक बयानबाजी करते समय जिम्मेदारी और मर्यादा नहीं दिखाई।
स्थानीय पुलिस ने द्रमुक के प्रभावशाली नेता राधाकृष्णन को मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद तूतीकोरिन जिले के गिरफ्तार कर लिया था।
टैगोर ने दावा किया कि राधाकृष्णन यह नहीं समझ पाए कि उनकी पार्टी अब सत्ता में नहीं है और पूर्व मंत्री ने राजनीतिक बयानबाजी करते समय जिम्मेदारी एवं मर्यादा का ध्यान नहीं रखा।
कांग्रेस नेता एवं सांसद ने दिवंगत मुख्यमंत्री कामराज के यहां स्थित स्मारक पर शुक्रवार को श्रद्धांजलि देने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्या उन्हें मौजूदा राजनीतिक स्थिति की जानकारी है? क्या उन्हें यह समझ नहीं आता कि द्रमुक सत्ता गंवा चुकी है?’’
टैगोर ने कहा, ‘‘राजनीतिक नेताओं के बारे में बात करते और उन पर हमला करते समय कुछ मर्यादा होनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि इसके बाद विपक्ष यह सीखेगा कि किस तरह बोलना चाहिए और वह कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं करेगा।’’
तिरुचेंदूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राधाकृष्णन ने 20 जून को मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने बताया कि विधायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग कराने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और धारा 353(2) (लोक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान) के तहत मामले दर्ज किए गए।
न्यायमूर्ति जी. के. इलंथिरैयन ने राधाकृष्णन की जमानत याचिका खारिज करते हुए मौखिक टिप्पणी की थी कि विधानसभा सदस्य होने के नाते उन्हें इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए थे।
तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा हाल में मदुरै में अधिकारियों के साथ की गई विवादास्पद समीक्षा बैठक पर टीएनसीसी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्यपाल ऐसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। अगर वह गोवा जैसी राजनीति करना चाहते हैं तो उन्हें वहीं चले जाना चाहिए। मैं उनसे अपनी सीमा नहीं लांघने का अनुरोध करता हूं।’’
भाषा सिम्मी रंजन
रंजन