अदालत ने तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन की अनुमति का आदेश बरकरार रखा

अदालत ने तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन की अनुमति का आदेश बरकरार रखा

अदालत ने तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन की अनुमति का आदेश बरकरार रखा
Modified Date: January 6, 2026 / 02:36 pm IST
Published Date: January 6, 2026 2:36 pm IST

मदुरै, छह जनवरी (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै खंडपीठ ने तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी के ‘‘दीपथून’’ पर दीप जलाने की अनुमति देने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश को मंगलवार को बरकरार रखा।

न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन और न्यायमूर्ति के के रामकृष्णन की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर पत्थर का स्तंभ (दीपथून) स्थित है, वह भगवान सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का है।

तमिलनाडु के प्राकृतिक संसाधन मंत्री एस रेगुपति ने फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को उच्चतम न्यायालय में अपील करने का अधिकार है।

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पूर्व कानून मंत्री ने पूछा, ‘‘यह साबित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं दिया गया कि दीपथून पर दीपम् प्रज्ज्वलित किया गया था….नयी परंपरा क्यों शुरू की जाए।’’

अदालत के आदेश में कहा गया कि देवस्थानम् (मंदिर प्रबंधन) को दीपथून पर दीप प्रज्ज्वलित करना होगा।

अदालत ने कहा, ‘‘एएसआई प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम एवं नियमों में निहित निषेधों और प्रतिबंधों के अतिरिक्त पहाड़ी क्षेत्र में स्थित स्मारकों के संरक्षण के लिए उपयुक्त और आवश्यक शर्तें लागू करेगा।’’

अदालत ने कहा कि देवस्थानम् को अपनी टीम के माध्यम से तमिल माह कार्तिगई (नवंबर-दिसंबर) में पड़ने वाले कार्तिगई दीपम् उत्सव पर दीपाथून में दीप प्रज्वलित करना होगा। उसने कहा कि देवस्थानम् की टीम के साथ किसी भी आम व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं होगी और इस टीम के सदस्यों की संख्या एएसआई और पुलिस से परामर्श कर तय की जाएगी। जिलाधिकारी इस आयोजन का समन्वय और पर्यवेक्षण करेंगे।

याचिकाकर्ता रमा रविकुमार ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे भगवान मुरुगन के भक्तों की जीत बताया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह द्रविड़ मुनेत्र कषगम की सरकार के मुंह पर तमाचा है।

भाषा सिम्मी नरेश

नरेश


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