कॉजपा प्रदर्शन: पुलिस कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारियों ने पूछा, ‘क्या हम आपके बच्चे नहीं हैं?’

कॉजपा प्रदर्शन: पुलिस कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारियों ने पूछा, 'क्या हम आपके बच्चे नहीं हैं?'

कॉजपा प्रदर्शन: पुलिस कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारियों ने पूछा, ‘क्या हम आपके बच्चे नहीं हैं?’
Modified Date: July 20, 2026 / 09:09 pm IST
Published Date: July 20, 2026 9:09 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) ‘अगर आपके अपने बच्चे यहां होते, तो क्या आप तब भी ऐसा ही करते? क्या हम आपके बच्चे नहीं हैं?’ परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर जब सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज किया, तो एक प्रदर्शनकारी ने रोते हुए पुलिस से यह सवाल पूछा।

सुरक्षाकर्मियों द्वारा मार्च को रोके जाने और झड़पें शुरू होने के बाद, एक महिला प्रदर्शनकारी रोती हुई दिखी और उसने पुलिस से उसे तथा अन्य प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने देने की मिन्नत की। उसने रोते हुए कहा, ‘कृपया हमें जाने दीजिए। क्या आपको हम पर दया नहीं आती?’

प्रदर्शनकारियों की भीड़ में दो दिव्यांग युवा भी शामिल थे, जिन्होंने सांकेतिक भाषा के जरिए अपनी बात रखी और साथी प्रदर्शनकारियों तथा स्वयंसेवकों का ध्यान आकर्षित किया।

कनिष्का (16) ने कहा कि वह स्कूल छोड़कर प्रदर्शन में शामिल होने आई थी। उसने दावा किया कि झड़पों के दौरान वह घायल हो गई और उसका मोबाइल फोन भी टूट गया। अपने हाथ पर आए खरोंच के निशान दिखाते हुए उसने कहा, ‘भविष्य में हमें भी परीक्षाएं देनी हैं, इसलिए हम इस प्रदर्शन में शामिल हुए। लेकिन यहां हमें पीटा जा रहा है और मेरा फोन भी टूट गया है। इन पुलिसकर्मियों के बच्चे भी भविष्य में परीक्षाएं देंगे, फिर भी वे हमें प्रदर्शन नहीं करने दे रहे हैं।’

इस प्रदर्शन में छात्रों के साथ उनके माता-पिता भी शामिल हुए। अपने छोटे बेटे के साथ जंतर-मंतर आई एक महिला ने बताया कि उसके पति पुलिस बल में कार्यरत हैं, लेकिन फिर भी उसने इस प्रदर्शन में भाग लेने का फैसला किया।

महिला ने कहा, ‘मैं जानती हूं कि मेरे पति नहीं चाहेंगे कि मैं यहां आऊं, लेकिन मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगी, क्योंकि मैं नहीं चाहती कि मेरा बेटा भविष्य में परीक्षा देते समय किसी अनिश्चितता का सामना करे।’

टकराव बढ़ने पर कुछ प्रदर्शनकारी मार्च और झड़प के दौरान बेहोश हुए लोगों को उठाते हुए देखे गए, जबकि स्वयंसेवकों ने उन्हें पानी और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।

परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी यहां संसद मार्ग के पास एकत्र हुए थे और सुरक्षाकर्मियों के लाठीचार्ज का सामना करते हुए संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

भाषा सुमित दिलीप

दिलीप


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